चांडिल/ Vikash Thakur चौका थाना क्षेत्र के अत्यंत ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में अफीम की अवैध खेती में संलिप्त किसानों को मुख्यधारा की खेती से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. हाल ही में प्रशासन और चौका थाना पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में क्षेत्र में उगाई जा रही अफीम की फसलों को नष्ट किया गया. इस अभियान से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगी है.

इसके बाद सकारात्मक बदलाव को गति देने हेतु रामकृष्णा फाउंडेशन, जो रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड समूह की सीएसआर इकाई है, ने किसानों के पुनर्वास और वैकल्पिक आजीविका प्रदान करने की पहल शुरू की है. फाउंडेशन की ओर से ग्रामीण किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला गेहूं, सरसों, चना और मटर का बीज निःशुल्क वितरित किया गया. इस पहल का उद्देश्य किसानों को सुरक्षित, वैधानिक और लाभकारी खेती की ओर प्रोत्साहित करना है.

बीज वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और उन्होंने वैकल्पिक फसलों को अपनाने का संकल्प लिया.
फाउंडेशन के प्रतिनिधि दिनेश कुमार पारीक ने कहा,
“हमारा लक्ष्य ग्रामीण किसानों को अवैध खेती से दूर रखकर उन्हें सम्मानजनक और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है. जिला प्रशासन और चौका थाना प्रभारी बजरंग महतो तथा उनकी टीम के सहयोग से यह पहल सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है. किसानों को स्वावलम्बन से जोड़ने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा.”.

कार्यक्रम में फाउंडेशन की ओर से बिनोद आर्या और रबिन्द्र गोस्वामी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जिला प्रशासन और चौका पुलिस ने रामकृष्णा फाउंडेशन के इस सामाजिक प्रयास की सराहना की और कहा कि इस पहल से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
फाउंडेशन ने आशा व्यक्त की है कि सतत प्रयासों से ग्रामीण किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और कानूनी कृषि पद्धतियों की ओर प्रेरित होंगे, जिससे उनके जीवन में स्थायी समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा.

