चांडिल/ Vikash Thakur अनुमंडल के कुकड़ू प्रखंड के तिरुलडीह निवासी और चौड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया देवनाथ साव (93) का सोमवार देर रात रांची के रामकृष्ण अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया. वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और रांची में अपने पुत्र के साथ रह रहे थे. मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर तिरुलडीह पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित लोग उमड़ पड़े. इसके बाद सुवर्णरेखा नदी तट पर पूरे विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया गया.

ग्रामीणों के अनुसार देवनाथ साव का व्यक्तित्व सरल, सहज और मिलनसार था. वे लगभग तीन दशकों तक चौड़ा पंचायत के नेतृत्व से जुड़े रहे. अविभाजित बिहार के समय 1974 से 1984 तक वे लगातार दो कार्यकाल के लिए मुखिया चुने गए. पंचायत चुनाव बाधित रहने के बाद भी उन्होंने लगभग दो दशकों तक ग्रामीण समस्याओं के समाधान, सामाजिक मध्यस्थता और जनहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया. क्षेत्र में वे लोगों और पंचायत के बीच एक मजबूत सेतु माने जाते थे.
ग्रामीणों का कहना है कि सामाजिक- सांस्कृतिक आयोजनों से लेकर गांवों में सद्भाव बनाए रखने तक उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही. छोटे-बड़े विवादों में लोग उनकी बात को अंतिम मानते थे.
सरायकेला- खरसावां जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष और दिवंगत के भागिना अशोक साव उर्फ माझी साव ने कहा कि देवनाथ साव का निधन ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि दिवंगत मुखिया ने अपने कार्यकाल में विकास, सामाजिक समरसता और लोगों को एकजुट रखने पर विशेष जोर दिया. आज भी उनकी सादगी और ईमानदारी की मिसाल दी जाती है. उन्होंने कहा कि देवनाथ साव का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है और क्षेत्र में उनके योगदान को लोग सदैव याद रखेंगे.

