चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथी का आतंक अब भयावह और खूनी रूप ले चुका है. मझगांव प्रखंड के बेनीसागर पंचायत अंतर्गत तिलोकुटी गांव में शुक्रवार को एक आतंकी जंगली हाथी ने रिहायशी इलाके में घुसकर जमकर उत्पात मचाया. इस दौरान बेनीसागर निवासी 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई.

आपको बता दें कि जिले में बीते 9 दिनों के भीतर हाथी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो चुकी है, जिससे प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जंगली हाथी अचानक जंगल से निकलकर गांव में घुस आया और सामने खेल रहे दो बच्चों पर हमला कर दिया. एक बच्चे को हाथी ने मौके पर ही कुचल दिया, जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई. वहीं दूसरा मासूम हाथी के दांत में फंस गया.
ग्रामीणों का कहना है कि गजराज पागलपन की हालत में बच्चे को दांत में फंसाए हुए इधर- उधर घूमता रहा और पेड़ों को पटकता रहा. इस खौफनाक दृश्य को देखकर पूरे गांव में अफरा- तफरी मच गई.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और एक शव को अपने कब्जे में लिया. हालांकि हाथी के लगातार हिंसक बने रहने के कारण दूसरे बच्चे के शव को निकालने और राहत कार्य में भारी दिक्कतें आ रही हैं. खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी थी, जिससे ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है. डर के कारण लोग अपने घरों में दुबके हुए हैं और पूरा इलाका सन्नाटे में तब्दील हो गया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही की सूचना पहले से दी जा रही थी, लेकिन वन विभाग और प्रशासन ने कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए. गुस्साए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द हाथी को खदेड़ने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और स्थायी समाधान की पहल नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे. पश्चिमी सिंहभूम में बढ़ता मानव- हाथी संघर्ष अब आम लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है.

