चाईबासा/ Jayant Pramanik कुडमी महतो समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग के विरोध में आदिवासी समन्वय समिति ने 18 अक्टूबर, शनिवार को सोनुआ में आहूत सांकेतिक जनाक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. समिति के उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई, सचिव उदय सिंह पूरती और सदस्य बुधलाल पूरती विभिन्न पंचायतों के गांवों और टोलों का दौरा कर अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं.

बुधवार को समिति की टीम ने कदमडीहा पंचायत के इच्छागुटू और कदमडीहा गांव, कुईडा पंचायत के कुईडा, गोटांबा, बरायबीर और विला पंचायत के झीलरूवा गांव में नुक्कड़ सभाएं आयोजित कीं. इन सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.

सभा को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई ने कहा कि “कुरमी महतो समुदाय द्वारा ST दर्जा देने की मांग संविधान में आदिवासियों को मिले आरक्षण की मूल भावना के विपरीत है.” उन्होंने कहा कि यदि कुरमी समाज को एसटी श्रेणी में शामिल किया गया तो आरक्षण की गणना और व्यवस्था दोनों प्रभावित होंगी. यही कारण है कि पूरा आदिवासी समाज अब अपनी पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को विवश है.
डॉ. बोयपाई ने लोगों से 18 अक्टूबर को सोनुआ में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में पहुंचकर एकजुटता दिखाने का आह्वान किया. सभा में समिति के सदस्य बुधलाल पूरती और उदय सिंह पूरती ने भी अपने विचार रखे. कार्यक्रम में चुमार सुरीन, दिलीप सुरीन, शहदेव सुरीन, दुर्गा कायम, मनमोहन अल्ल्डा, राजेश बानरा, रामराई बोयपाई, पूर्ण चंद्र बोयपाई, सतीश बोयपाई, काटेराम लगुरी, कृष्ण कोड़ाह, मानसिंह कोड़ाह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

