चाईबासा/ Jayant Pramanik जिले के सोनुआ प्रखंड अंतर्गत सोनापोस पंचायत को शनिवार को औपचारिक रूप से बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया. इस अवसर पर पंचायत भवन में आयोजित समारोह में मनोहरपुर के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. एस्पायर संस्था के आरबीसी की बच्चियों ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया.

समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गुरुचरण नायक ने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप हैं. उन्होंने कहा कि इन कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर निगरानी, सामाजिक जागरूकता और शिक्षा का व्यापक प्रसार आवश्यक है. उन्होंने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि बच्चों के हाथों में औजार नहीं बल्कि किताबें दें और उन्हें विद्यालय भेजकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखें.

जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा के निर्देश पर पीएलवी श्रीकान्त प्रधान और अरूप कुमार प्रधान ने उपस्थित ग्रामीणों को NALSA, JHLSA एवं DLSA से संबंधित जानकारी दी. इस दौरान नशा उन्मूलन को लेकर जागरूकता फैलाते हुए “नशा को कहें ना, जीवन को कहें हां” के नारे लगाए गए और DLSA के हैंडबिल का वितरण किया गया.
कार्यक्रम के दौरान बच्चियों ने हिंदी, हो और नागपुरी गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. एस्पायर संस्था के माध्यम से पंचायत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वोलेंटियर्स को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. संस्था के प्रतिनिधियों ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए किए जा रहे पुनर्वास कार्यों और सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी.
कार्यक्रम के अंत में सैकड़ों ग्रामीणों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे भविष्य में सोनापोस पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाए रखेंगे और प्रत्येक बच्चे को अनिवार्य रूप से विद्यालय भेजेंगे.

मौके पर जिला परिषद सदस्य जगदीश नायक, थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा, मुखिया नूर हंसदा, पूर्व मुखिया केदारनाथ नायक, उप मुखिया गणेश बोदरा, शिक्षिका सरस्वती महतो, सेसुशीला बराला, मुनिलाल दास, कलेश्वर सिंह, धर्म देव गोप, हरि कृष्णा पूर्ति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मुंडा, सेविकाएं और एस्पायर संस्था के कर्मी उपस्थित थे.

