चाईबासा/ Jayant Pramanik जिले के सोनुआ प्रखंड अंतर्गत गोलमुंडा पंचायत को सोमवार को औपचारिक रूप से बाल श्रम मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया. इस अवसर पर पंचायत भवन में एस्पायर संस्था की ओर से बाल श्रम मुक्त क्षेत्र महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में स्थानीय मुखिया संजीव कांडेयांग, पंचायत सचिव मानस त्रिपाठी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं एस्पायर संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे.

संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के सभी गांवों में 6 से 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का सर्वेक्षण किया गया. शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने और अभिभावकों को बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने का विशेष अभियान चलाया गया. साथ ही बच्चों को बाल श्रम से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए.

गुदड़ी प्रखंड समन्वयक धर्मदेव गोप ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित करना संभव हो सका. मुखिया संजीव कांडेयांग ने इस उपलब्धि के लिए एस्पायर संस्था की सराहना की और लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम की ओर न धकेलें.
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्था के सदस्यों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. मौके पर पोड़ाहाट पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू, गोविंदपुर पंचायत के मुखिया अमर सिंह सामड, भालूरूंगी पंचायत के उप मुखिया गणेश चंद्र बोदरा, मानकी मदन मोहन सुंडी, सोनुआ प्रखंड समन्वयक कैलेश्वर सिंह, चक्रधरपुर प्रखंड कॉर्डिनेटर सरोज महाकुड़, एमईएस देवव्रत महाकुड़ सहित अन्य मौजूद रहे.

