चाईबासा/ Jayant Pramanik भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को आयोजित की गई, जिसमें झारखंड की झामुमो सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला गया. बैठक में नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार, पूर्व सदर मंडल अध्यक्ष जयकिशन बिरुली, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन तियू, पदाधिकारी पवन शर्मा और रूपा दास प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार की नई योजना “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)” का विरोध करने को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की. नेताओं ने कहा कि झामुमो का यह रुख विकास विरोधी मानसिकता और राजनीतिक हठधर्मिता को दर्शाता है.
भाजपा नेताओं ने झारखंड में मनरेगा के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में वर्षों से फर्जी मस्टर रोल, अधूरी योजनाएं और अनियमितताओं का खेल चल रहा है. मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिलती और 100 दिन रोजगार का दावा केवल कागजों तक सीमित है. इसके लिए झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया.
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नई योजना का उद्देश्य तकनीकी निगरानी और समयबद्ध भुगतान के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वास्तविक रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठा रही है, तब झामुमो सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए जनता को भ्रमित कर रही है.
भाजपा नेताओं ने कहा कि ग्रामीणों को अब खोखले नारों की नहीं, बल्कि ठोस परिणामों की जरूरत है. उन्होंने दावा किया कि विकसित भारत गारंटी योजना झारखंड के श्रमिकों और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगी. अंत में भाजपा ने झारखंड की जनता से अपील की कि वे विकास कार्यों में बाधा डालने वाली राजनीति से सतर्क रहें और केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं का समर्थन करें.

