DESK बीबीसी दफ्तर पर आयकर विभाग (आईटी) की तलाशी अभियान के बाद देश में सियासी घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है. कांग्रेस ने जहां इसे अघोषित आपातकाल कहा है. वहीं, भाजपा ने कांग्रेस को आईना देखने की नसीहत दी है.

कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि बीबीसी दफ्तर पर आईटी की छापामारी अघोषित आपातकाल है. पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा कि यहां हम अदाणी के मामले में जेपीसी की मांग कर रहे हैं और वहां सरकार बीबीसी के पीछे पड़ी हुई है. उन्होंने कहा ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’. कांग्रेस की ओर से कहा गया कि पहले बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री आई उसे बैंन किया गया. अब बीबीसी दफ्तर पर आईटी का छापा पड़ा यह अघोषित आपातकाल है.
वहीं कांग्रेस के हमलों के बाद भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने पलटवार किया है. राठौर ने कहा कि ऐसा लगता है अंग्रेजों ने 1947 में भारत छोड़ने के बाद बीबीसी के विघटनकारी एजेंडे को देश में आगे बढ़ाने का काम कांग्रेस को सौंप दिया था. खैर, आपातकाल और प्रेस की आजादी की बात करने वालों को आईना जरूर देखना चाहिए.
गौरतलब है कि आईटी अधिकारी बीबीसी के दिल्ली और मुंबई स्थित दफ्तर पर तलाशी ले रहे हैं. आईटी अधिकारी कर चोरी की जांच के सिलसिले में तलाशी ले रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन्स से जुड़े कागजातों की जांच की जा रही है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि आईटी अधिकारी बीबीसी के वित्त विभाग के खाते के कुछ दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं. विभाग ने खाते, वित्त विभाग के लोगों के कुछ मोबाइल फोन, लैपटॉप, डेस्कटॉप जब्त किए हैं. अधिकारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बैकअप लेंगे फिर इसे वापस सौंप देंगे.
उधर आईटी की कार्रवाई पर बीबीसी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भारत के आयकर अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है. बीबीसी ने ट्वीट कर कहा कि हमें उम्मीद है कि स्थिति का जल्द समाधान हो जाएगा.
