बोकारो: जिले के ट्रैफिक थाना अंतर्गत नया मोड़ क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खुद को असिस्टेंट कमांडर बताने वाले एक शख्स की सच्चाई ट्रैफिक जांच के दौरान सामने आ गई. बिना हेलमेट बाइक चला रहे युवक को ट्रैफिक पुलिस ने रोका तो उसने जांच कर रहे पदाधिकारी से कहा कि आप एक सरकारी अधिकारी को कैसे रोक सकते हैं.

शख्स के इस आत्मविश्वास भरे जवाब के बाद ट्रैफिक थाना के पदाधिकारी ओशो प्रदीप ने उससे पहचान पत्र मांगा. युवक ने जो पहचान पत्र दिखाया, उस पर असिस्टेंट कमांडर, सीआरपीएफ, सुकमा (छत्तीसगढ़) लिखा हुआ था, लेकिन पहचान पत्र पर लगी तस्वीर उससे मेल नहीं खा रही थी. संदेह होने पर जब गहन जांच की गई तो उसके पास से दो और फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए.
जांच में पाया गया कि एक पहचान पत्र एनएसजी का था, जिस पर असीम कुमार नाम अंकित था, जबकि दूसरा पहचान पत्र सीआरपीएफ का था, जिसमें संदीप कुमार नाम दर्ज था. पूछताछ और सत्यापन के बाद खुलासा हुआ कि युवक का वास्तविक नाम अश्वनी कुमार ठाकुर है, जो बोकारो के बीएस सिटी थाना क्षेत्र का रहने वाला है.
मामले की जानकारी मिलने पर सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस फर्जी पहचान पत्र बनाने और इनके संभावित दुरुपयोग के पहलुओं की भी जांच कर रही है.

