मुजफ्फरपुर/ Arzoo Bakhsh बिहार के मीनापुर प्रखंड अंतर्गत टेंगराहां गांव के लोगों ने जर्जर सड़क की समस्या को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ग्रामीणों ने पदयात्रा निकालते हुए नारा दिया — “रोड नहीं तो वोट नहीं”. साथ ही गांव में किसी भी नेता को घुसने से मना करने का संकल्प लिया.

टेंगराहां गांव की यह सड़क वर्ष 2005 में बनी थी. अब बीस साल बीतने के बाद सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है. लोगों का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद किसी भी नेता ने इस सड़क की सुध नहीं ली. वर्तमान सांसद वीणा देवी और उनकी पुत्री कोमल सिंह ने चुनाव से पहले सड़क निर्माण का वादा किया था. लेकिन चुनाव जीतने के 15 महीने बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ.
ग्रामीण दीपक कुमार ने चेतावनी दी है कि अगर विधानसभा चुनाव से पहले सड़क नहीं बनी, तो पूरा गांव गायघाट विधानसभा क्षेत्र में कोमल सिंह के खिलाफ प्रचार करेगा. ग्रामीण रणधीर कुमार ने बताया कि सड़क की हालत ऐसी हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.
वर्तमान मीनापुर विधायक राजीव कुमार उर्फ मुन्ना यादव को भी ग्रामीणों ने आड़े हाथों लिया. ग्रामीणों का कहना है कि वे 10 साल से विधायक हैं, लेकिन उन्होंने कभी इस सड़क की ओर ध्यान नहीं दिया. गांव में “नेता प्रवेश निषेध” का बैनर लहराया गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने साफ किया कि अब वादा नहीं, काम चाहिए. वरना वोट नहीं मिलेगा. ग्रामीणों की यह चेतावनी चुनावी मौसम में सियासी हलकों में हलचल पैदा कर सकती है.

