खगड़िया: बिहार सरकार की “न्याय के साथ विकास” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 मील का पत्थर साबित हो रहा है. इसका ताजा उदाहरण खगड़िया जिले के रामपुर गोगरी गांव की अमीना खातून हैं. पति मोहम्मद राशिद की पत्नी अमीना खातून को वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त का इंतजार था.

जब उन्हें ब्लॉक कार्यालय से मकान निर्माण का कार्य पूर्ण करने का निर्देश मिला, तो वे चौंक गईं क्योंकि अब तक उन्हें कोई राशि ही प्राप्त नहीं हुई थी. जांच में सामने आया कि उनकी पहली किस्त की राशि गलती से किसी अन्य व्यक्ति के ऋण खाते में चली गई थी और बैंक ने उस रकम को उसके कर्ज की वसूली में समायोजित कर लिया. इसके बाद अमीना खातून ने बिहार लोक शिकायत निवारण पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी खगड़िया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लीड बैंक मैनेजर और प्रखंड विकास पदाधिकारी को नोटिस जारी किया. सुनवाई के दौरान बैंक की लापरवाही साबित हुई. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजना की राशि का उपयोग ऋण वसूली में करना अनैतिक है. तत्काल निर्देश दिया गया कि अमीना खातून के खाते में राशि ट्रांसफर की जाए. निर्देश के बाद बैंक ने मुख्यालय से अनुमति लेकर राशि उनके खाते में भेज दी. वर्षों की प्रतीक्षा के बाद जब अमीना खातून को उनका हक मिला, तो उनकी आंखों में खुशी साफ झलक रही थी. यह मामला लोक शिकायत निवारण अधिनियम की उपयोगिता और प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, जिससे आम जनता को समय पर न्याय और योजनाओं का लाभ मिल सके.

