Big Breaking इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो शिबू सोरेन का निधन हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि की है. इसके साथ ही पूरा देश शोक में डूब गया है. मालूम हो कि शिबू सोरेन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे उनका दिल्ली में सर गंगाराम अस्पताल इलाज चल रहा था.

शिबू सोरेन पिछले 19 जून से अस्वस्थ थे और दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती थे. 4 अगस्त 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को हुआ था. वे 81 वर्ष के थे. दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति में आदिवासी अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई का बड़ा चेहरा रहे. वे झारखंड के दुमका लोकसभा क्षेत्र से आठ बार सांसद निर्वाचित हुए. उन्हें 1980, 1986, 1989, 1991, 1996, 2004, 2009 और 2014 में लोकसभा भेजा गया. इसके अलावा वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने. दो बार वे राज्यसभा सांसद भी रहे. शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता रहे. उन्हें ‘दिशोम गुरु’ की उपाधि उनके संघर्षशील नेतृत्व के कारण मिली थी. उनके निधन से झारखंड में शोक की लहर है.
उन्होंने 1970 के दशक में ‘धान काटो आंदोलन’ चलाया था. उन्होंने महाजनी प्रथा और ज़मींदारी के खिलाफ आंदोलन किया.शि बू सोरेन पर राजनीतिक जीवन में कई आरोप लगे. लेकिन वे संघर्ष करते रहे और जनता के बीच लोकप्रिय बने रहे.उ नकी जीवनी झारखंड की राजनीति और आदिवासी चेतना का दस्तावेज मानी जाती है. झारखंड सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

