गम्हरिया: सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों के संगठन “द वॉरियर्स ऑफ कोल्हान” की ओर से रविवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. देशभक्ति से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर और अमर शहीदों के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई. इसके बाद अतिथियों और पूर्व सैनिकों ने अमर जवान के समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिक भारतीय सेना की वजह से चैन की नींद सो पाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे वीर सैनिक ऊंचे पहाड़ों, सीमाओं और कठिन परिस्थितियों में डटे रहकर राष्ट्र की रक्षा करते हैं. उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उन शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने जीवन की आहुति देकर देश की अस्मिता को अक्षुण्ण रखा.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों के साथ- साथ उनके परिवार भी सम्मान के पात्र हैं, जिन्होंने वर्षों तक अपने प्रियजनों को देश के हवाले किया. उन्होंने कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक सैनिक की भूमिका समाप्त नहीं होती, बल्कि वह समाज के लिए अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणास्रोत बनता है.
अपने संबोधन के दौरान चम्पाई सोरेन ने केंद्र सरकार द्वारा लागू वन रैंक वन पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लाखों पूर्व सैनिक परिवारों को लाभ मिला है. उन्होंने पूर्व सैनिकों से आह्वान किया कि वे नई पीढ़ी को देश सेवा के प्रति प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल वर्दी पहनकर ही नहीं, बल्कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने, राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने, समाज सेवा, शिक्षा, स्वच्छता और रक्तदान जैसे कार्यों से भी की जा सकती है.
कार्यक्रम के दौरान फोटो और वीडियो के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान की गाथाओं का सजीव चित्रण किया गया. इस दौरान विभिन्न कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को और भी भावुक और प्रेरणादायक बना दिया.
टायो गेट स्थित सरना स्थल सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैनिक, पूर्व सैनिक, उनके परिवार के सदस्य, एनसीसी कैडेट और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे.

