खूंटी: भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा उलिहातु पहुंचे, जहां उन्होंने बिरसा ओड़ा में भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों के साथ पहली पूजा संपन्न की. इसके बाद धरती आबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया.

इस अवसर पर अर्जुन मुंडा ने बिरसा मुंडा के वंशजों को सम्मानित भी किया और कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक है. उनकी विरासत न केवल आदिवासी समाज बल्कि पूरे देश को सामाजिक न्याय, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रहित की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.

उन्होंने कहा कि धरती आबा के आदर्श झारखंड की आत्मा में बसे हुए हैं. उनका उलगुलान आज भी प्रेरणा का स्रोत है और समाज को अन्याय के विरुद्ध लड़ने की शक्ति प्रदान करता है.

