आदित्यपुर: Parmeshwar Gorai शनिवार को आरआईटी पुलिस ने बनता नगर में औचक छापेमारी कर मुकेश प्रजापति उर्फ़ राजा के स्टेशनरी शॉप से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित ई- सिगरेट, इलेक्ट्रोनिक हुक्का, नकली पिस्तौल, बच्चों के विवाद में अक्सर प्रयोग होने वाला लोहे का कटीला पंच बरामद किया है. देर रात पुलिस ने ई- सिगरेट अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मगर राजा और उसके परिवार के खिलाफ पुलिस क्या कार्रवाई करती है इसपर मिडिया की नजर बनी है. वैसे जिला पुलिस कप्तान नशे के कारोबार को लेकर सख्त हैं. उम्मीद है इस मामले की तह तक पुलिस जरूर पहुंचेगी और राजा प्रजापति के काले साम्राज्य का खात्मा करेगी.

बंता नगर का रहने वाला मुकेश प्रजापति उर्फ राजा एक समय पान की गुमटी चलाता था लेकिन आज करोड़ों का मालिक बन चुका है. सूत्र बताते हैं कि यह सब नशे के काले कारोबार से संभव हुआ है. शुरुआती दौर में मुकेश गांजा बेचता था. पुलिस का दबाव पड़ने पर उसने अपने बिज़नस मॉड्यूल में बदलाव किया. सिगरेट में गांजा भरकर स्कूली बच्चों को इसका लत लगाया. मुकेश पर आरोप है कि वह बच्चों और युवाओं को ई-सिगरेट और अन्य नशीले उत्पाद बेचकर उनका जीवन बर्बाद कर रहा है. वहीं दूसरी ओर खुद विदेश यात्राओं और महंगी गाड़ियों के शौक में डूबा हुआ है.

स्थानीय लोगों के अनुसार मुकेश प्रजापति का पूरा परिवार नशे के कारोबार में लिप्त है. आरोप है कि मुकेश प्रजापति बच्चों को ई-सिगरेट और अन्य प्रतिबंधित नशीली वस्तुएं उपलब्ध कराता है.

बताया जाता है कि आदित्यपुर के खानबाड़ी के गांजा माफिया सिंह जी के पतन के बाद मुकेश ने गांजा और ई-सिगरेट की सप्लाई का बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया. छोटे रिटेलर उसके पास से नशे की सामग्री खरीदते हैं और पूरे शहर में बेचते हैं.

आसपास के लोगों का कहना है कि शहर में सैकड़ों पान गुमटी संचालक हैं जो मुश्किल से दो वक्त का खाना जुटा पाते हैं लेकिन मुकेश प्रजापति की दौलत और विदेशी दौरे उसके काले कारोबार की पोल खोलते हैं. स्थानीय लोग इस बात को लेकर आक्रोशित हैं कि प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है. उनका कहना है कि मुकेश प्रजापति जैसे तस्करों के कारण युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा


