आदित्यपुर: 1990 के दशक में अपनी तेजतर्रार रिपोर्टिंग और धारदार लेखनी के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षक हेमंत श्रीवास्तव का शनिवार को असामयिक निधन हो गया. उन्होंने 1985 से 1995 के बीच जमशेदपुर में निडर पत्रकारिता करते हुए समाज विरोधी गतिविधियों के खिलाफ मुखर होकर काम किया था. वे इंद्रधनुष जैसी सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे. वर्तमान में वे मध्य विद्यालय कुलुपटांगा में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे.

रविवार को उनका अंतिम संस्कार बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट में संपन्न हुआ. समाजसेवी सह आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि हेमंत श्रीवास्तव एक उत्कृष्ट शिक्षक होने के साथ-साथ अत्यंत मिलनसार और सामाजिक व्यक्तित्व के धनी थे. पत्रकारिता के दौर में उन्होंने अपनी लेखनी से अलग पहचान बनाई थी. उन्होंने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हेमंत श्रीवास्तव के निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है.
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार, मित्रों एवं शुभचिंतकों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करें.
इधर अधिवक्ता सह अध्यक्ष, जनकल्याण मोर्चा ओमप्रकाश ने भी दिवंगत हेमंत श्रीवास्तव के निधन पर गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि 1985–95 के दौरान हेमंत श्रीवास्तव ने निर्भीक होकर समाज हित में प्रखर पत्रकारिता की. बाद में शिक्षक बनने के बाद भी वे निरंतर सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे. व्यक्तिगत कारणों से अंतिम यात्रा में शामिल न हो पाने पर उन्होंने खेद व्यक्त किया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की.

