आदित्यपुर/ Parmeshwar Gorai आदिवासी सामाजिक संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को आदित्यपुर दिंदली बस्ती में संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता सुधाकर हांसदा ने की. इस दौरान संगठन के सदस्यों ने हाल ही में आदिवासी परिवार पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई की कड़ी निंदा की और आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की.

बैठक में वक्ताओं ने बताया कि सरायकेला- खरसावां जिले के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में आने वाले आदित्यपुर दिंदली बस्ती में रहने वाले आदिवासी राजा कुमार मिंज के घर को जिला प्रशासन एवं आवास बोर्ड, आदित्यपुर द्वारा कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से जेसीबी मशीन से तोड़ा गया. इस कार्रवाई से परिवार बेघर हो गया है.
संगठन के सदस्यों ने इसे आदिवासियों के मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया. कहा गया कि अनुसूचित क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि सामाजिक और मानवाधिकारों के भी विरुद्ध है.
इसी अन्याय के विरोध में संगठन ने 24 अक्टूबर (शुक्रवार) को आवास बोर्ड, आदित्यपुर कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है. धरने के दौरान दो प्रमुख माँगें रखी जाएंगी
पहली, राजा कुमार मिंज के परिवार को तत्काल पुनर्वास प्रदान किया जाए. दूसरी, आवास बोर्ड में वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों द्वारा अपने व परिजनों के नाम पर नियमविरुद्ध भूखंड आवंटन की जाँच की जाए.
बैठक में राम हांसदा, रविंद्र बास्के, शंकर मार्डी, सकला मार्डी, विशाल सोरेन, पप्पू हांसदा समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे. सभी ने आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया.

