जामताड़ा: जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी अमरेन्द्र तिवारी उर्फ नन्हे तिवारी के पिता रामेश्वर तिवारी के निधन से मिहिजाम सहित जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है. करीब 90 वर्षीय रामेश्वर तिवारी चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) के सेवानिवृत्त कर्मी थे. वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज जारी था.



रविवार को उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, शुभचिंतकों और परिचितों के बीच शोक व्याप्त हो गया.
रामेश्वर तिवारी अपने सरल, सहज और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे. चिरेका में सेवाकाल के दौरान उन्होंने निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया. सामाजिक गतिविधियों में उनकी रुचि और लोगों के साथ आत्मीय संबंधों ने उन्हें क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई थी. उनके निधन को मिहिजाम और जामताड़ा के सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है.
आवास पर संवेदना जताने पहुंच रहे लोग
उनके निधन की सूचना मिलने के बाद मिहिजाम स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है. स्थानीय व्यवसायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने दिवंगत रामेश्वर तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.
परिजनों के पहुंचने के बाद होगा अंतिम संस्कार
फिलहाल दिवंगत रामेश्वर तिवारी का पार्थिव शरीर मिहिजाम स्थित आवास पर रखा गया है. बाहर रह रहे परिजनों और करीबी लोगों के पहुंचने के बाद अजय नदी के तट पर स्थित चिरेका के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके निधन से परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में गहरा शोक है. लोग उनके आत्मीय व्यवहार, सरल व्यक्तित्व और सामाजिक जुड़ाव को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

