जामताड़ा: शारदीय दुर्गापूजा को लेकर पूरा जामताड़ा शहर विद्युत सज्जा से चकाचौंध है. रंग-बिरंगी रोशनी से सजी सड़कें और पूजा पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं. सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. शहर के कोर्ट रोड स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की पूजा का इतिहास भी काफी पुराना है. वर्ष 1991 में शुरू हुई यह पूजा आज आस्था, परंपरा और सामाजिक सहयोग की मिसाल बनी हुई है.


चार लोगों ने रखी थी पूजा की नींव
कोर्ट रोड सार्वजनिक दुर्गा पूजा की शुरुआत वर्ष 1991 में रानीगंज मोड़ के पास स्वर्गीय दिनेश प्रसाद, प्रताप सिंह, स्वर्गीय खोखन चक्रवर्ती और रामाश्रय तिवारी ने की थी. अगले वर्ष मां दुर्गा के अनन्य भक्त स्वर्गीय विजय पंडित ने मंदिर निर्माण के लिए विवेकानंद स्कूल के समीप जमीन दान की. वर्ष 1992 में इसी जमीन पर पंडाल बनाकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद वर्ष 1993 में स्थानीय लोगों के सामूहिक सहयोग से यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया. तब से यह पूजा क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.
वैष्णव पद्धति से होती है मां की पूजा
कोर्ट रोड की दुर्गापूजा की विशिष्ट पहचान यहां की वैष्णव परंपरा है. समय के साथ पूजा की विधि में भी बदलाव किया गया. पहले सप्तमी तिथि को कलश स्थापना के साथ पूजा शुरू होती थी, लेकिन पिछले नौ वर्षों से मोहल्लेवासियों के अनुरोध पर सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ने नवरात्र की पहली पूजा से ही कलश स्थापना की परंपरा शुरू की है. इससे श्रद्धालु पूरे नवरात्र विधि-विधान के साथ मां की आराधना कर रहे हैं.
पूजा पंडालों में पहुंच रहे थाना प्रभारी, सुरक्षा पर जोर
दुर्गापूजा के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो भी सक्रिय हैं. वे पुलिस बल के साथ जामताड़ा थाना क्षेत्र के विभिन्न पूजा पंडालों में पहुंचकर दुर्गापूजा समितियों के सदस्यों से चर्चा कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश दिए. साथ ही किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके. दुर्गापूजा के उल्लास के बीच एक ओर जहां शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से पर्व संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

