जामताड़ा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से बुधवार को पुराने न्यायालय परिसर स्थित स्थायी लोक अदालत कार्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष रिजवान अहमद ने की. इस दौरान लोगों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली, इसके अधिकार क्षेत्र और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के निःशुल्क समाधान की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. मौके पर स्थायी लोक अदालत के सदस्य कुलदीप प्रसाद शर्मा ने बताया कि जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित निर्धारित विवादों का निपटारा आपसी समझौते के माध्यम से कराया जा सकता है. इसके लिए कोर्ट फीस स्टांप की आवश्यकता नहीं होती है. संबंधित व्यक्ति आवेदन देकर विवाद के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर सकता है. उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत आम लोगों को सरल, सुलभ और कम खर्च में न्याय पाने का अवसर प्रदान करती है.स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष रिजवान अहमद ने बैंकिंग सेवाओं से जुड़े विवादों के निःशुल्क समाधान की जानकारी देते हुए कहा कि स्थायी लोक अदालत विवादों के निपटारे का एक महत्वपूर्ण मंच है. इसका उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति कायम कर विवादों का समाधान करना है. यहां किसी एक पक्ष की जीत या दूसरे की हार के बजाय दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए विवाद सुलझाने का प्रयास किया जाता है.


उन्होंने विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे स्थायी लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निपटारे में सहयोग करें और आम लोगों को इसकी सुविधाओं के प्रति जागरूक करें. उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में कई लोग विवादों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझे रहते हैं. ऐसे में स्थायी लोक अदालत के प्रति लोगों को जागरूक करना आवश्यक है.
कार्यक्रम में बैंकिंग सेवाओं, विद्युत आपूर्ति, पेयजल एवं स्वच्छता, स्वास्थ्य, बीमा, दूरसंचार और परिवहन सहित अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की. इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत के सहायक शाकिर करीम उपस्थित रहे। वहीं, पीएलवी आनंद महतो, मेघा गुप्ता एवं राजेश दत्ता ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया.

