सरायकेला: भाई की हत्या और अपहरण की धमकी देकर एक नाबालिग छात्रा को अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है. सातवीं कक्षा की छात्रा से जुड़े इस गंभीर मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने आरोपी बिरजू पोद्दार उर्फ बीजू पोद्दार को दोषी करार देते हुए जीवन के अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.


जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
मामला चांडिल थाना क्षेत्र का है. पीड़िता के पिता ने 26 जनवरी 2025 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए विद्यालय गई थी. लेकिन शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवार की चिंता बढ़ गई. इसके बाद पिता ने पुलिस से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस को दिए गए बयान में पीड़िता ने बताया था कि आरोपी पिछले करीब दस महीने से उसे परेशान कर रहा था. स्कूल जाने के दौरान वह उसे रोककर अपने साथ चलने के लिए कहता था. विरोध करने पर उसके भाई का अपहरण कर जान से मारने की धमकी देता था. पीड़िता के बयान के अनुसार, इसी धमकी के कारण वह भयभीत रहती थी.
पीड़िता के बयान के मुताबिक, 26 जनवरी को स्कूल से घर लौटने के दौरान चांडिल बाजार में आरोपी अपने चार साथियों के साथ पहुंचा. आरोप है कि इसके बाद छात्रा को जबरन वैन में बैठाकर दीघा ले जाया गया. वहां छात्रा के रोने और गिड़गिड़ाने के बावजूद आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया.
बयान के अनुसार, 28 जनवरी को आरोपी छात्रा को लेकर टाटा पहुंचा और शाम के समय उसे गाड़ी में बैठाकर घर भेज दिया. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
मामले की सुनवाई के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए जीवन के अंतिम सांस तक कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.
इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 96 एवं 137(2) के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है. इस जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर दोषी को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. अदालत के इस फैसले के साथ नाबालिग छात्रा से जुड़े गंभीर अपराध के मामले में दोषी को कठोर दंड दिया गया है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

