रामगढ़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता एवं दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन को उनके पैतृक गांव नेमरा में गुरुवार को अंतिम विदाई दी गई. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. सोरेन परिवार के सदस्यों के साथ राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और स्थानीय लोगों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की.


मालूम हो कि रूपी सोरेन लंबे समय से अस्वस्थ थीं और रांची के हिल व्यू अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था. निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर रामगढ़ जिले के नेमरा गांव लाया गया. गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

उसी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार, जहां गुरुजी को दी गई थी विदाई
नेमरा गांव के समीप नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर अपराह्न करीब 3:20 बजे रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार किया गया. इसी स्थान पर अगस्त 2025 में झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार किया गया था.

करीब 14 महीने के अंतराल में माता-पिता दोनों को खोने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के लिए यह अत्यंत दुखद क्षण रहा. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी.
बाबूलाल मरांडी और इरफान अंसारी ने जताया शोक
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रूपी सोरेन के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि सोरेन परिवार को लगातार दो बड़ी व्यक्तिगत क्षतियों का सामना करना पड़ा है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, सिंहभूम सांसद जोबा माझी,मंत्री दीपक बिरुआ, खरसावां विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो सहित अन्य नेताओं ने भी रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना जताई.
हेमंत सोरेन ने मां को दी मुखाग्नि
गुरुवार को हुए अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को मुखाग्नि दी. अंतिम विदाई के दौरान नेमरा में शोक का माहौल रहा. गौरतलब है कि रूपी सोरेन का निधन बुधवार, 7 अक्टूबर की शाम रांची के हिल व्यू अस्पताल में हुआ था. वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं. उनके पार्थिव शरीर को गुरुवार सुबह रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जिसके बाद नेमरा ले जाया गया.

