जामताड़ा: जामताड़ा शहर के रक्षा काली मंदिर के समीप स्थित डीएन हाई स्कूल इन दिनों पढ़ाई के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की शिक्षा देने की दिशा में भी पहल कर रहा है. विद्यालय में धार्मिक उत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से आर्ट एवं क्राफ्ट गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. इन गतिविधियों के माध्यम से छात्र अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के साथ भारतीय संस्कृति, देवी-देवताओं और पौराणिक परंपराओं को भी समझ रहे हैं.


विद्यालय में विद्यार्थियों को क्ले मॉडल तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. आर्ट शिक्षिका संध्या कुमारी के मार्गदर्शन में छात्र छोटे-छोटे समूहों में मिट्टी से मां दुर्गा, भगवान गणेश सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकृतियां तैयार कर रहे हैं. क्ले को अलग-अलग आकार देकर विद्यार्थी अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं.
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है. विद्यार्थियों को ऋषि-मुनियों, देवी-देवताओं, उनके अवतार और पौराणिक प्रसंगों के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी जा रही है. साथ ही उनसे मिलने वाले प्रेरक संदेशों और जीवन मूल्यों को भी समझाने का प्रयास किया जा रहा है.
क्ले मॉडल तैयार करते समय विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. कोई छात्र मां दुर्गा की प्रतिमा को आकार देने में जुटा है, तो कोई भगवान गणेश की आकृति को अंतिम रूप दे रहा है. शिक्षिका संध्या कुमारी विद्यार्थियों को मॉडल तैयार करने की तकनीक के साथ आकृतियों को सही स्वरूप देने में भी मार्गदर्शन कर रही हैं.
विद्यालय के प्राचार्य प्रदीप कुमार भैया भी विद्यार्थियों की शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं. उनका कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार, जिम्मेदारी और अच्छे नागरिक बनने की भावना विकसित करना भी है. इसी उद्देश्य से विद्यालय में पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
विद्यालय में विद्यार्थियों को किताबों में दर्ज पाठ के साथ जीवन से जुड़े मूल्यों और भारतीय परंपराओं की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है. विद्यालय प्रबंधन का प्रयास है कि विद्यार्थी जब स्कूल से बाहर निकलें तो उनके पास शैक्षणिक योग्यता के साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की समझ भी हो.
डीएन हाई स्कूल में समय-समय पर विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिला और राज्य स्तर पर भी पुरस्कार हासिल किए हैं. क्ले मॉडल जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे बेहतर तरीके से प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है.
विद्यालय परिसर में इन दिनों तैयार किए जा रहे देवी-देवताओं के क्ले मॉडल बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह को दर्शा रहे हैं. यह गतिविधि शिक्षा के ऐसे स्वरूप को सामने ला रही है, जिसमें किताबों के साथ कला, ज्ञान के साथ संस्कार और पढ़ाई के साथ भारतीय संस्कृति को भी महत्व दिया जा रहा है.
रिपोर्ट. मनीष बर्णवाल.

