जामताड़ा: गूगल पर ई-कॉमर्स और ई-पेमेंट कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ जामताड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के फुलझरिया में पानी टंकी के पास स्थित बांस झुरमुट में छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.


पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गयी थी. टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के मुरलीपहाड़ी से ईदगाह मोड़ जाने वाली पक्की सड़क के उत्तर फुलझरिया स्थित पानी टंकी के समीप बांस झुरमुट में छापेमारी की.इसी दौरान साइबर अपराध करते तीन आरोपियों को पकड़ा गया.
ऐसे बिछाते थे साइबर ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गूगल पर विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों, ई-पेमेंट कंपनियों और उपभोक्ता सामग्री से जुड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर के रूप में अपना फर्जी मोबाइल नंबर डालते थे. किसी ग्राहक को संबंधित कंपनी की सेवा में परेशानी होने पर जब वह गूगल से नंबर तलाश कर कॉल करता था, तो आरोपी खुद को कंपनी का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर बातचीत करते थे.
समस्या का समाधान करने का झांसा देकर आरोपियों द्वारा पीड़ित के मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड कराया जाता था. इसके बाद मोबाइल पर होने वाली गतिविधियों और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी करने का आरोप है.पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था.
तीनों आरोपी नारायणपुर थाना क्षेत्र के
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आरिफ अंसारी (28), शाहजहां अंसारी (40) और जिसान अंसारी (24) के रूप में हुई है. तीनों नारायणपुर थाना क्षेत्र के बंदरचुआ गांव के रहने वाले हैं.पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड जब्त किए हैं. मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 65/26, दिनांक 08 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट एवं टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की धाराएं लगायी गयी हैं.
साइबर पुलिस की कार्रवाई में तीनों दबोचे गये
छापेमारी अभियान में साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक गुलशन कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक हीरालाल महतो सहित रिजर्व गार्ड के आरक्षी एवं हवलदार शामिल थे.पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हुआ है कि साइबर ठग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. ऐसे में किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर गूगल से प्राप्त करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या एप पर दिए गए नंबर की पुष्टि करना जरूरी है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

