कर्मचारी सेवा पोर्टल पर शिक्षकों और कर्मियों को जल्द प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश


जामताड़ा: झारखंड सरकार के नए वित्तीय निर्देश के बाद जिले के सरकारी शिक्षकों और कर्मियों के लिए जीपीएफ आधार ई-केवाईसी कराना जरूरी हो गया है. जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति ने जिले के सभी प्राथमिक, मध्य और उत्क्रमित मध्य विद्यालयों में कार्यरत सरकारी शिक्षकों तथा संबंधित कर्मियों को कर्मचारी सेवा पोर्टल पर जीपीएफ आधार ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है.
जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा है कि ई-केवाईसी पूरा नहीं होने अथवा सेवा अभिलेखों में दर्ज विवरण में अंतर रहने पर एडवांस जीपीएफ लेने, जीपीएफ बैलेंस देखने सहित वेतन और अन्य वित्तीय कार्यों में परेशानी हो सकती है. सेवानिवृत्ति के समय जीपीएफ राशि और अन्य संबंधित सेवा लाभ प्राप्त करने में भी कठिनाई उत्पन्न हो सकती है.
नाम और मोबाइल नंबर का मिलान जरूरी. कर्मचारी सेवा पोर्टल पर जीपीएफ प्रोफाइल में किसी भी प्रकार का सुधार करने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी आवश्यक है. इसके लिए आधार कार्ड, जीपीएफ रिकॉर्ड और पैन कार्ड में दर्ज कर्मचारी के नाम की स्पेलिंग एक समान होना जरूरी है. इसी तरह वेतन संबंधी प्रक्रिया में दर्ज मोबाइल नंबर, कर्मचारी सेवा पोर्टल, आधार और पैन से जुड़े मोबाइल नंबर में भी समानता होनी चाहिए. मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना अनिवार्य है. किसी भी विवरण में अंतर होने पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
सेवा रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से किया जा रहा अपडेट. कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों को डिजिटल रूप से अद्यतन रखने के लिए झारखंड सरकार की ओर से कर्मचारी सेवा पोर्टल तैयार किया गया है. पोर्टल पर कर्मचारी के योगदान से लेकर सेवानिवृत्ति तक के सेवा संबंधी रिकॉर्ड दर्ज रहते हैं. ऐसे में रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि भविष्य में वित्तीय और सेवा संबंधी कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकती है.
जिला शिक्षा अधीक्षक ने सभी संबंधित शिक्षकों और कर्मियों से कर्मचारी सेवा पोर्टल पर लॉगिन कर आधार, जीपीएफ, पैन और मोबाइल नंबर समेत सभी विवरणों का मिलान करने को कहा है. जहां कहीं भी अंतर या त्रुटि हो, वहां आवश्यक सुधार कराने के बाद जीपीएफ आधार ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि समय पर ई-केवाईसी पूरा होने से वेतन, जीपीएफ और अन्य वित्तीय एवं सेवा संबंधी कार्य सुचारु रूप से संचालित किए जा सकेंगे.
रिपोर्ट. मनीष बर्णवाल

