बोकारो: चास अंचल कार्यालय में सोमवार को जमीन विवाद से जुड़े मामले को लेकर हंगामा हो गया. बिजुलिया से पहुंचे चार से छह युवकों और कार्यालय कर्मियों के बीच विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में लिया है. मामले को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगाए हैं.


चास सीओ सेवा राम के अनुसार, युवक जमीन विवाद से संबंधित अपना काम तत्काल कराने की मांग कर रहे थे. उन्हें कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा गया, क्योंकि कार्यालय में इन दिनों SIR और झारखंड सरकार के ऑफलाइन प्रमाणपत्र से जुड़े कार्य तेजी से चल रहे हैं. कर्मचारियों के उसी काम में व्यस्त होने के कारण युवकों को प्रतीक्षा करने को कहा गया था.
सीओ का आरोप है कि इसी दौरान युवक आवेश में आ गए और गाली-गलौज करने लगे. विवाद बढ़ने के बाद मारपीट की स्थिति बन गई. सेवा राम ने बताया कि उन्होंने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और बाद में पुलिस को सूचना दी. घटना के दौरान बीडीओ भी उनके चैंबर में मौजूद थे.
युवकों ने लगाया पैसे मांगने का आरोप
वहीं, पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों ने अधिकारियों के आरोपों से अलग दावा किया है. युवकों का आरोप है कि जमीन से जुड़े काम को कराने के एवज में उनसे पैसे की मांग की गई थी. उनका कहना है कि पैसे देने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन पर गलत आरोप लगाया गया.
सीओ ने आरोपों को बताया बेबुनियाद.
चास सीओ सेवा राम ने युवकों द्वारा लगाए गए पैसे मांगने के आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. उन्होंने चास थाने में युवकों के खिलाफ शिकायत दी है. साथ ही उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोप से भी इनकार किया है.
CCTV फुटेज से सामने आएगी सच्चाई.
मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए अंचल कार्यालय में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस और प्रशासन CCTV फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट की स्थिति किन परिस्थितियों में बनी.
फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. CCTV जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा

