सरायकेला: खरसावां थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनडीह गांव में पुलिस ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर अफीम की अवैध खेती नहीं करने को लेकर जागरूक किया. बैठक में खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह ने ग्रामीणों से अफीम की खेती से पूरी तरह दूर रहने और खेतों में अनाज व अन्य खाद्य फसलें उगाने की अपील की.


थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह ने कहा कि अफीम की खेती से होने वाली कमाई कुछ समय के लिए आकर्षित कर सकती है, लेकिन इसके दुष्परिणाम किसानों, उनके परिवार और पूरे समाज को लंबे समय तक प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि खेतों में अफीम के बजाय धान, दलहन, सब्जियों सहित अन्य खाद्य फसलों की खेती करें, ताकि परिवार को वैध आमदनी मिल सके और गांव में खुशहाली आए.
अफीम की खेती के कानूनी और सामाजिक नुकसान बताए
बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को अफीम की खेती से जुड़े कानूनी प्रावधानों और इसके सामाजिक नुकसान की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अफीम की खेती कानूनन अपराध है और इसका असर युवा पीढ़ी तथा समाज के भविष्य पर भी पड़ सकता है.
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी तरह से अफीम की अवैध खेती का हिस्सा न बनें और अपने आसपास भी लोगों को इसके लिए जागरूक करें.
वैध खेती से परिवार का भविष्य सुरक्षित करने की अपील
थाना प्रभारी ने कहा कि खेती-किसानी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद है. किसानों को अपनी जमीन पर ऐसी फसलों की खेती करनी चाहिए, जिससे परिवार को वैध और टिकाऊ आमदनी मिल सके.
ग्रामीणों को धान, दलहन, सब्जियों और अन्य खाद्य फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया गया. साथ ही गांव को नशामुक्त और खुशहाल बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई.
बैठक के माध्यम से पुलिस ने ग्रामीणों को संदेश दिया कि अफीम की खेती से मिलने वाली अस्थायी कमाई के बजाय खाद्य फसलों की खेती को अपनाकर परिवार और आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है. पुलिस का यह जागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने और किसानों को वैकल्पिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की दिशा में एक पहल है.

