जामताड़ा: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा नेता एवं बीएलए-1 हरिमोहन मिश्रा ने प्रशासन से जवाब मांगा है. गुरुवार को आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने घर-घर मैपिंग, फॉर्म भरने, ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन तथा प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया की निष्पक्ष और बूथवार जांच कराने की मांग की.


मिश्रा ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान जिले में करीब 14 हजार आदिवासी और 42 हजार हिंदू मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. उन्होंने इसके लिए मंत्री इरफान अंसारी और जिला निर्वाचन पदाधिकारी से जुड़े अधिकारियों पर आरोप लगाए. हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
एक पते पर 54 मतदाताओं के नाम का मामला उठाया
भाजपा नेता ने पांच अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची का हवाला देते हुए एक ही पते पर 54 मतदाताओं के नाम दर्ज होने का दावा किया. उन्होंने संबंधित पते का भौतिक सत्यापन कराने के साथ ऐसे सभी मामलों की बूथवार जांच की मांग की. मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होने के बावजूद कुछ स्थानों पर बीएलओ द्वारा इसकी मांग की गई.
पैसे लेकर नाम जोड़ने के आरोप की जांच की मांग
मिश्रा ने पबिया मंडल के लोधरिया क्षेत्र में बीएलओ पर पैसे लेकर मतदाताओं के नाम जोड़ने के आरोप से जुड़ी शिकायत का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, मामले की जानकारी नारायणपुर अंचल अधिकारी को दी गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने शिकायत के दौरान अधिकारी द्वारा कथित रूप से अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
वाहन जांच और कथित रेकी का मामला भी उठाया
भाजपा नेता ने नारायणपुर के देवलवाड़ी बॉर्डर पर उनकी गाड़ी की पुलिस जांच का मामला भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मंत्री के कहने पर की जा रही थी. पुलिस कार्रवाई के संबंध में लगाए गए इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. मिश्रा ने एसआईआर के दौरान अपनी गतिविधियों पर नजर रखे जाने और कथित रेकी की जांच कराने की भी मांग की.
40 हजार आवेदन लंबित होने के दावे पर मांगा जवाब
मिश्रा ने नारायणपुर में करीब 40 हजार आवेदन लंबित होने का दावा करते हुए प्रशासन से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. उन्होंने कहा कि एसआईआर से संबंधित कुल प्राप्त आवेदनों, लंबित मामलों और निष्पादित आवेदनों की संख्या सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट हो सके.
मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के आरोप पर पलटवार
मंत्री इरफान अंसारी द्वारा भाजपा पर मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटवाने के लगाए गए आरोपों पर मिश्रा ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के स्तर से किसी मुस्लिम मतदाता का नाम कटवाने का कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए. मिश्रा ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान सभी समुदायों के पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने का प्रयास किया गया है.
उन्होंने प्रशासन से एसआईआर से जुड़ी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने, वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की.
रिपोर्ट: मनीष वर्णवाल

