जमशेदपुर: मोबाइल, चार्जर, कंप्यूटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल से बाहर होने के बाद आखिर कहां जाएं ? तेजी से बढ़ते ई-वेस्ट के बीच इसके सुरक्षित निस्तारण को लेकर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को जागरूक करने की पहल शुरू की है. विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत स्वच्छता के साथ ई-वेस्ट प्रबंधन को प्रमुखता दी गई है.


29 और 30 सितंबर को शुरू हुए अभियान में बी.Ed सत्र 2025-27 और 2026-28 के करीब 150 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. विद्यार्थियों ने परिसर की सफाई करने के साथ उन स्थानों की पहचान की, जहां नियमित साफ-सफाई और बेहतर कचरा प्रबंधन की जरूरत है.
कैंपस में अलग से ई-वेस्ट कलेक्शन कॉर्नर
अभियान के तहत परिसर में वेस्ट कलेक्शन कॉर्नर के साथ ई-वेस्ट कलेक्शन कॉर्नर बनाया गया है. बी.Ed के विद्यार्थी विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से निकलने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे को एकत्र कर निर्धारित केंद्र तक पहुंचाएंगे. इसके बाद एकत्रित ई-वेस्ट को उचित माध्यम से निस्तारण अथवा रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा.
विद्यार्थियों को बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कचरे के साथ फेंकने के बजाय उसका अलग संग्रह और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण जरूरी है. अभियान के माध्यम से कचरे के पृथक्करण और जिम्मेदार प्रबंधन को व्यवहार में उतारने पर जोर दिया गया.
एक दिन की गतिविधि नहीं, आदत बने स्वच्छता: मदन मोहन सिंह
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित रहने वाली गतिविधि नहीं है. इसे दैनिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि युवाओं को ई-वेस्ट के सुरक्षित संग्रह और निस्तारण के प्रति जागरूक होने के साथ इसका संदेश समाज तक भी पहुंचाना चाहिए.
कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया जा रहा है. विशेष स्वच्छता अभियान के माध्यम से उन्हें कचरा पृथक्करण और ई-वेस्ट प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी भी मिलेगी.
अक्टूबर भर चलेगा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम समन्वयक एवं शिक्षा विभाग की प्राध्यापिका परवीन निशा ने बताया कि अभियान केवल दो दिनों तक सीमित नहीं रहेगा. अक्टूबर में भी स्वच्छता, जागरूकता और ई-वेस्ट संग्रह से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.
कार्यक्रम में रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोजिब अशरफ, अकादमिक सलाहकार प्रो. दिलीप शोम, डीन (IQAC) डॉ. गरिमा सिंह, डीन प्रशासन डॉ. राकेश कुमार, डीन अकादमिक अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए.

