रांची: बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए बुधवार का दिन न्यायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. एक ओर रांची की विशेष PMLA अदालत में उनके खिलाफ आरोप गठन के बिंदु पर कार्यवाही निर्धारित है, वहीं दूसरी ओर झारखंड हाईकोर्ट में भी उनकी याचिका पर सुनवाई होनी है.


हाईकोर्ट में मंगलवार को समयाभाव के कारण मामले की विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी थी. अब बुधवार को दोपहर 2:15 बजे मामले पर सुनवाई निर्धारित की गई है.
हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA अदालत में चल रही आरोप गठन की प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. ऐसे में हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के साथ विशेष PMLA अदालत की कार्यवाही पर भी नजर टिकी हुई है.
24 सितंबर को वर्चुअली पेश हुए थे हेमंत सोरेन
इससे पहले 24 सितंबर को विशेष PMLA अदालत में हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए थे. सुनवाई के दौरान उनकी ओर से मामले से जुड़े दस्तावेजों के अवलोकन के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था.
अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी. अब आरोप गठन के बिंदु पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होनी है.
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
पूरा मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है. प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और अवैध कब्जे से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग हुई. हेमंत सोरेन इन आरोपों का सामना कर रहे हैं.
मामले में अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ चुकी है. अब हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को लेकर अदालत की कार्यवाही महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
हालांकि आरोप गठन का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है. आरोप तय होने की स्थिति में भी अभियोजन पक्ष को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अपने आरोप साबित करने होंगे और बचाव पक्ष को उनका प्रतिवाद करने का पूरा अवसर मिलेगा. अब निगाहें हाईकोर्ट और विशेष PMLA अदालत की बुधवार की कार्यवाही पर टिकी हैं.

