जामताड़ा: दुर्गापूजा 2026 की तैयारी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बैठक बुलाने का आदेश ही अब सवालों के घेरे में आ गया है. अनुमंडल पदाधिकारी, जामताड़ा के कार्यालय की गोपनीय शाखा से जारी पत्र में तारीखों का ऐसा उलझाव सामने आया है कि पूजा समितियां भी असमंजस में हैं कि बैठक हो चुकी है या अभी होनी बाकी है. पत्रांक 1353/गो. में पत्र जारी करने की तारीख 28 सितंबर 2026 अंकित है. लेकिन इसी आदेश में जिले के लाइसेंसी एवं गैर लाइसेंसी दुर्गापूजा समितियों के अध्यक्ष व सचिवों की बैठक की तारीख 1 सितंबर 2026, अपराह्न दो बजे लिखी गई है. यानी आदेश जारी हुआ 28 सितंबर को, जबकि बैठक की तारीख उससे 27 दिन पहले की दे दी गई. यहीं मामला खत्म नहीं होता. आदेश के अंत में भी 28/09/25 की तारीख अंकित है, जिससे तारीखों का यह ‘गणित’ और भी पेचीदा हो गया है. अब सवाल यह है कि प्रशासनिक आदेश में 2026 की दुर्गापूजा की तैयारी चल रही है या पुराने कैलेंडर को ही आगे बढ़ाया जा रहा है?


आदेश में सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र की लाइसेंसी एवं गैर लाइसेंसी पूजा समितियों के अध्यक्ष-सचिवों को बैठक में उपस्थित कराने की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बीडीओ, सीओ, नगर निकाय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों को भी पूजा समितियों को बैठक की सूचना देकर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है. लेकिन जब बैठक की तारीख ही बीत चुकी हो, तो सूचना किस बैठक की दी जाए—यही सवाल पूजा समितियों के सामने खड़ा है. प्रशासन के आदेश में तारीखों की यह गड़बड़ी अब पूजा समितियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है. पूजा समितियों के अध्यक्ष और सचिवों का कहना है कि दुर्गापूजा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर प्रशासनिक बैठक में सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, यातायात, बिजली, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा होनी है. ऐसे में बैठक की तारीख को लेकर ही भ्रम की स्थिति रहना उचित नहीं है.
समितियों ने प्रशासन से आदेश में अंकित तारीखों को तत्काल स्पष्ट करने तथा बैठक की वास्तविक तारीख और समय की संशोधित सूचना जारी करने की मांग की है. अब देखना यह है कि प्रशासन ‘बीती तारीख’ वाली बैठक को ही मानता है या कैलेंडर देखकर नई तारीख तय करता है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

