सरायकेला: सरायकेला के वार्ड संख्या-5 स्थित कंसारी टोला की बेटी डॉ. लासिका रथ ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर परिवार के साथ-साथ पूरे सरायकेला शहर का नाम रोशन किया है. उन्होंने ओडिशा लोक सेवा आयोग (OPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर सरकारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति हासिल की है.


भुवनेश्वर में आयोजित नियुक्ति मेले में ओडिशा के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. लासिका रथ को सरकारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद का नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया. नियुक्ति पत्र मिलने के बाद परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है.
डॉ. लासिका रथ वर्तमान में वीआईएमएसएआर, बुर्ला (मेडिकल कॉलेज, बुर्ला) में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने इसी चिकित्सा संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की. पीजी की पढ़ाई के साथ उन्होंने ओपीएससी की परीक्षा की तैयारी जारी रखी और करीब छह महीने पहले परीक्षा में सफलता हासिल कर सरकारी सेवा में नियुक्ति का रास्ता साफ किया.
नियुक्ति पत्र में दिए गए निर्देश के अनुसार डॉ. लासिका रथ को संबलपुर जिला मुख्यालय अस्पताल में योगदान देने का निर्देश दिया गया है. चिकित्सा शिक्षा के साथ अब वह सरकारी स्वास्थ्य सेवा में अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत करेंगी.
डॉ. लासिका रथ सरायकेला निवासी परजन्य कुमार रथ और प्रणति सारंगी रथ की सबसे बड़ी बेटी हैं. बेटी की उपलब्धि पर माता-पिता बेहद गौरवान्वित हैं. परिवार का कहना है कि लासिका की सफलता उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सरायकेला शहर के लिए गर्व का क्षण है.
परिवार के अनुसार, लासिका बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही हैं और मेहनत को अपनी पहचान बनाया. चिकित्सा शिक्षा की चुनौतीपूर्ण राह पर लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने पहले एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद पीजी की पढ़ाई जारी रखते हुए ओपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की.
डॉ. लासिका रथ की उपलब्धि यह संदेश देती है कि छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं. एक ओर वह उच्च चिकित्सा शिक्षा जारी रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में स्वास्थ्य सेवा की जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं.
सरायकेला की इस बेटी की उपलब्धि से परिवार और शहर में गर्व का माहौल है. उनकी सफलता युवा विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण बनी है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह (संपादक)

