सरायकेला: करीब चार सौ वर्षों से चली आ रही सरायकेला की ऐतिहासिक पब्लिक दुर्गापूजा इस वर्ष भी धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप आयोजित की जाएगी. तांत्रिक मतानुसार होने वाली इस प्राचीन दुर्गापूजा को और भव्य स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है. इसी को लेकर राज पैलेस में राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूजा की तैयारियों, धार्मिक अनुष्ठानों, मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विधि-व्यवस्था समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई. साथ ही नई पूजा कमिटी का सर्वसम्मति से पुनर्गठन किया गया.


बैठक के दौरान पूजा कमिटी के कोषाध्यक्ष पप्पू सामंत ने पिछले वर्ष के आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया. इसके बाद आगामी दुर्गापूजा महोत्सव को श्रद्धा, परंपरा और अनुशासन के साथ संपन्न कराने को लेकर तैयारियों की रूपरेखा पर चर्चा हुई.
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि करीब चार सौ वर्ष पुरानी पब्लिक दुर्गापूजा की ऐतिहासिक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं को बरकरार रखते हुए आयोजन को और भव्य बनाया जाए. पूजा के दौरान होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, मेला व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी आवश्यक तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया.
राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने कहा कि सरायकेला की ऐतिहासिक दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यहां की आस्था, संस्कृति और विरासत की पहचान है. सदियों से चली आ रही इस परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए इसे भव्य स्वरूप देना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
नई पूजा कमिटी में राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव को अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं गोलक बिहारी पति, श्रीधर सिंहदेव और बॉबी सिंहदेव को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. पप्पू सामंत को सचिव बनाया गया है. जबकि देवराज सिंहदेव, पवन कबी और तपन कामिला को सह सचिव की जिम्मेदारी मिली है.
सुभम दास कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं. वहीं शम्भू पटनायक, शत्रुघन दास और भीष्म कैवर्त को सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. सांस्कृतिक गतिविधियों की जिम्मेदारी सांस्कृतिक सचिव रुपेश साहू और देवदत्त महंती को दी गई है. जबकि राजेश आचार्य, मनोज पटनायक और शिवचरण साहू को सह सांस्कृतिक सचिव बनाया गया है. मेले की व्यवस्था के लिए राजीव रथ को मुख्य मेला नियंत्रक की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बैठक में नीलाम्बर सिंहदेव, मुख्य पुजारी नीलकंठ सरंगी, राज ज्योतिषी तपन त्रिपाठी, पुजारी देवी प्रसन्न सरंगी, तपन पटनायक, संजीव पति, काशीनाथ कर, सुमित सिंहदेव, छोटू सिंह, संजय सिंहदेव, रजतेन्दु रथ, गंभीर सिंह और निबारण महतो सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे.
करीब चार सदियों से चली आ रही सरायकेला की पब्लिक दुर्गापूजा को इस वर्ष नई कमिटी के नेतृत्व में किस तरह भव्य स्वरूप दिया जाता है, इस पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर रहेगी.
प्रमोद सिंह (संपादक)

