कपाली: सरकार लोगों को जल संरक्षण और पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए “जल है तो कल है” का संदेश देती है, लेकिन सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी पेयजल व्यवस्था की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है. कपाली के गैस गोदाम रोड स्थित भाभी होटल चौक के समीप पिछले करीब 15 दिनों से सरकारी नल और चापानल खराब पड़ा है. इससे स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.


भाभी होटल चौक कपाली नगर परिषद क्षेत्र का प्रमुख और भीड़भाड़ वाला स्थान है. यहां दिनभर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों की आवाजाही रहती है. आसपास सरकारी प्लस टू हाई स्कूल, गैस गोदाम समेत कई महत्वपूर्ण स्थान मौजूद हैं. ऐसे में सार्वजनिक पेयजल की व्यवस्था खराब रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.
स्थानीय लोगों के अनुसार राहगीरों और आसपास के लोगों की सुविधा के लिए चौक के समीप सरकारी नल और चापानल लगाया गया है. लेकिन करीब 15 दिनों से इसके खराब रहने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि चापानल खराब होने की जानकारी क्षेत्र के दो वार्ड पार्षदों को भी दी गई थी. इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है. लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए पेयजल संसाधन खराब होने के बाद उसकी तत्काल मरम्मत होनी चाहिए.
एक बुजुर्ग स्थानीय निवासी ने बताया कि रविवार होने के कारण सोमवार को कपाली नगर परिषद के उपाध्यक्ष मोहम्मद शाबान उर्फ सिटू से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी. साथ ही खराब पड़े सरकारी चापानल की जल्द मरम्मत कराने की मांग की जाएगी.
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाए और खराब नल एवं चापानल की जांच कर जल्द दुरुस्त कराया जाए.
लोगों ने कहा कि भाभी होटल चौक के समीप सरकारी प्लस टू हाई स्कूल होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की आवाजाही होती है. ऐसे में सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था खराब रहने से विद्यार्थियों को भी परेशानी होती है.
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब सरकार “जल है तो कल है” का संदेश देती है, तो सार्वजनिक स्थान पर लगाया गया सरकारी चापानल 15 दिनों तक खराब कैसे पड़ा रह सकता है. क्या संबंधित विभाग के कर्मचारियों द्वारा इन पेयजल संसाधनों की नियमित जांच नहीं की जाती.
अब देखना यह है कि सोमवार को नगर परिषद उपाध्यक्ष को जानकारी दिए जाने के बाद कपाली नगर परिषद प्रशासन इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है.

