कांड्रा: अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड में अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन गुरुवार को उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी परिवार के समर्थन में उतरे JLKM कार्यकर्ताओं ने कंपनी प्रबंधन पर दबंगई और आंदोलनकारियों को दबाने का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मुख्य गेट पर चल रहे धरने के बीच कंपनी प्रबंधन ने दूसरे रास्ते से वर्करों को अंदर प्रवेश कराने की कोशिश की, जिसका विरोध करने पहुंचे JLKM कार्यकर्ताओं के साथ कथित रूप से मारपीट की गई.


प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी के सिक्योरिटी इंचार्ज बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों के साथ रेलवे साइडिंग पहुंचे और वहां मौजूद JLKM कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की. इस दौरान एक कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल की चाबी छीनने का आरोप लगाया गया. वहीं, एक अन्य कार्यकर्ता को कथित रूप से जबरन कांटा घर के अंदर ले जाकर बंधक बनाए रखने और उसके साथ मारपीट किए जाने का भी दावा किया गया है.
घटना की सूचना मिलने के बाद JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष (एसटी) प्रेम मार्डी मौके पर पहुंचे. कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके हस्तक्षेप के बाद कांटा घर में रखे गए कार्यकर्ता को बाहर निकाला गया. घटना के बाद आंदोलनकारियों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश और बढ़ गया.
*नौकरी की मांग पर कंपनी की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश*
दरअसल, स्व. अशोक कुमार महतो अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड में DRI (Lab Assistant) के पद पर कार्यरत थे. 4 फरवरी 2026 को उनके आकस्मिक निधन के बाद परिवार अनुकंपा के आधार पर स्थायी नौकरी की मांग कर रहा है. प्रदर्शनकारी परिवार का कहना है कि इस मुद्दे पर कंपनी प्रबंधन के साथ कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला.
परिवार का आरोप है कि लगातार बातचीत के बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा. JLKM के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के समर्थन में उतरने के बाद आंदोलन ने और बड़ा रूप ले लिया.
कंपनी गेट पर पुलिस तैनात
विवाद बढ़ने की सूचना पर कांड्रा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार मुर्मू पुलिस बल के साथ कंपनी गेट पर पहुंचे. पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है.
फिलहाल कंपनी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन जारी है. आंदोलनकारी अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग पर अड़े हैं. उनका आरोप है कि बातचीत से समस्या का समाधान निकालने के बजाय कंपनी प्रबंधन आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है.
हालांकि, JLKM कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और एक कार्यकर्ता को कांटा घर में बंधक बनाए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है. कंपनी प्रबंधन की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. कंपनी का पक्ष सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

