सरायकेला: उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में जिले में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण केंद्रों, श्रमिक पंजीकरण, रोजगार, प्लेसमेंट और स्वरोजगार से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई.


उपायुक्त ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें उनकी योग्यता और उपलब्ध रोजगार अवसरों के अनुरूप रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ना है. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया.
उन्होंने जिले के औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र में उपलब्ध रिक्तियों के अनुरूप ट्रेडवार प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार करने को कहा. औद्योगिक संस्थानों द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई रिक्तियों का नियमित अनुश्रवण करते हुए संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं के नियोजन की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही औद्योगिक संस्थानों को अपनी रिक्तियों की जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर अद्यतन करने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने को कहा.
बैठक में जिले में संचालित 13 प्रशिक्षण केंद्रों तथा प्रखंड स्तर पर संचालित 9 प्रशिक्षण केंद्रों के नियमित संचालन की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और नियमितता सुनिश्चित करने के साथ प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थियों की निगरानी और नियोजन सुनिश्चित करने तथा पात्र अभ्यर्थियों को सरकारी कल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया.
काशी साहू कॉलेज, सरायकेला में प्रस्तावित कौशल पार्क के संचालन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बालक एवं बालिका छात्रावास, सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, कक्षा-कक्ष और सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक तैयारियों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.
राजनगर एवं खरसावां प्रखंड में सिलाई मशीन प्रशिक्षण का कार्य शीघ्र शुरू करने तथा प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया.
पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके, लेकिन अब तक रोजगार अथवा स्वरोजगार से नहीं जुड़ पाए अभ्यर्थियों को चिह्नित कर उनसे संपर्क करने, परामर्श देने और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इच्छुक अभ्यर्थियों का बैंक से ऋण संबंध सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि वे वित्तीय सहायता प्राप्त कर स्वरोजगार शुरू कर सकें.
श्रमिक पंजीकरण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विशेष शिविर आयोजित कर पात्र श्रमिकों से आवेदन प्राप्त करने और छूटे हुए श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने संबंधित विभागों को रोजगार, स्वरोजगार एवं कल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा.
नियोजन कार्यालय की समीक्षा के दौरान जिला नियोजन पदाधिकारी को जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय कर जिले के विद्यालयों में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञों के माध्यम से करियर एवं रोजगार संबंधी परामर्श कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्देश दिया गया. निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नियमित रोजगार मेलों का आयोजन करने और स्थानीय युवाओं को उपलब्ध अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया.
उपायुक्त ने कहा कि रोजगार मेला आयोजित होने से पहले संबंधित क्षेत्र में स्थानीय भाषा के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी इसमें शामिल हो सकें. उन्होंने अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण और योग्यता के अनुरूप उपलब्ध रिक्तियों से जोड़ने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया.
उपायुक्त ने कहा कि कौशलयुक्त मानव संसाधन जिले के समग्र एवं सतत विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है. सभी संबंधित विभाग और प्रशिक्षण संस्थान आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए प्रशिक्षण, नियोजन एवं स्वरोजगार की पूरी प्रक्रिया को परिणामोन्मुखी बनाएं, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय युवा आत्मनिर्भर बन सकें.
बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक- जेएसएलपीएस, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

