जामताड़ा: देवघर और बासुकिनाथ धाम से जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ लौट रहे आठ कांवड़ियों की गाड़ी शुक्रवार शाम जामताड़ा थाना क्षेत्र के चैंगगायडीह गांव के पास रास्ता भटकने के बाद विवाद में फंस गई. देखते ही देखते मामूली विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और करीब 200 लोगों की भीड़ ने कांवड़ियों की गाड़ी को घेर लिया. आरोप है कि भीड़ की ओर से वाहन पर ईंट-पत्थर और चप्पलों से हमला किया गया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला.


छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र निवासी कांवड़िया योगेंद्र सिंह ठाकुर के अनुसार, आठों श्रद्धालु दो वाहनों से वापस लौट रहे थे. इनमें स्विफ्ट डिजायर वाहन संख्या सीजी 10 सीएफ 2564 भी शामिल था. श्रद्धालु गूगल मैप के जरिए धनबाद जाने का रास्ता तलाश रहे थे, लेकिन रास्ता भटकने के कारण चैंगगायडीह गांव की ओर पहुंच गए.
पानी के छींटे पड़ने के बाद बिगड़ा माहौल
कांवड़ियों के अनुसार, गांव के पास सड़क से गुजरते समय वाहन से किसी व्यक्ति पर पानी के छींटे पड़ गए. इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ. कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. आरोप है कि करीब 200 लोगों ने कांवड़ियों की गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया और ईंट-पत्थर तथा चप्पलों से हमला शुरू कर दिया.
गाड़ी के शीशे टूटे, श्रद्धालु से मारपीट
हमले में स्विफ्ट डिजायर के आगे और पीछे के शीशे टूट गए. इस दौरान रवींद्र सोनी नामक एक कांवड़िया के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है. स्थिति बिगड़ती देख सभी श्रद्धालु वाहन छोड़कर जान बचाने के लिए पास के एक घर में जाकर छिप गए.
इंटरनेट से नंबर खोजकर पुलिस को दी सूचना
घर में छिपे कांवड़ियों ने इंटरनेट के माध्यम से पुलिस का संपर्क नंबर तलाशा और घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही जामताड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घर में छिपे सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर थाना ले आई.

घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ अनंत कुमार और जामताड़ा एसडीपीओ वसीम रजा भी थाना पहुंचे. अधिकारियों ने कांवड़ियों से घटना की जानकारी ली तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए. तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस इलाके में निगरानी कर रही है.
दोनों पक्षों की बातचीत के बाद शांत हुआ मामला
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के लोगों के बीच बातचीत कराई गई. समझ-बूझ के बाद स्थिति को शांत कराया गया. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी नहीं है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद जामताड़ा जिले के विभिन्न हिंदू संगठनों के लोग भी मौके पर पहुंचे. संगठन के लोगों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. प्रशासन की पहल के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है.
हालांकि घटना को लेकर प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने फिलहाल सार्वजनिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है. पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

