आदित्यपुर: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) की सरायकेला- खरसावां इकाई में आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गई है, जिसने पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बुधवार को आदित्यापुर डीवीसी मोड़ स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष दीपक महतो के फैसले के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि जिला अध्यक्ष ने प्रखंड अध्यक्ष गोपाल चंद्र महतो (गम्हारिया-1) को बिना किसी पूर्व सूचना और बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए निष्कासित कर दिया. नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई पार्टी के संविधान और अनुशासन के पूरी तरह विपरीत है.
बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एकतरफा और तानाशाहीपूर्ण बताया. सभी ने एक स्वर में मांग की कि निष्कासन आदेश को तत्काल वापस लिया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
इतना ही नहीं, जिला अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय नेतृत्व से उन्हें पद से हटाने की मांग भी की गई. नेताओं ने कहा कि यदि पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार किया जाएगा, तो इसका असर संगठन की मजबूती पर पड़ेगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय महासचिव बिद्येश्वर महतो, पूर्व प्रत्याशी प्रेम मार्डी, केंद्रीय संयुक्त संगठन महासचिव नासपाती महतो, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रोहित महतो, अनिता हेम्ब्रोम, प्रभांशु महतो, प्रदीप महतो, अमित महतो, रोहिन महतो, बासु महतो, मनोज महतो, आनंद दास, अमीन मंडल, संजय महतो, सुभाष चंद्र महतो समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
इस घटनाक्रम ने JLKM के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है. अब देखना होगा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और संगठन में उठे असंतोष को कैसे शांत करता है.

