जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के केंद्रीय सभागार में भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया. भौतिकी और भूगोल विभाग द्वारा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ और आईक्यूएसी के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का विषय “राजनीति से राग तक: आधुनिक शिक्षा के लिए प्राचीन भारतीय ज्ञान का सामंजस्य” था.


कार्यशाला में डॉ. पारोमिता रॉय ने “कौटिल्य के अर्थशास्त्र में एक स्वास्थ्य की अवधारणा” पर व्याख्यान दिया. उन्होंने बताया कि मृदा, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य, मानव स्वास्थ्य से जुड़े हैं और एक-दूसरे से भी. यह अवधारणा आज के युग में भी उतनी ही प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि “एक स्वास्थ्य एक राष्ट्र” भारत की नीतिगत पहल है, जो सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक है. दूसरे सत्र में डॉ. अशोक कुमार मंडल ने भारतीय तार वाद्य यंत्रों के विज्ञान पर व्याख्यान दिया. उन्होंने व्यवहारिक उदाहरणों से समझाया कि कैसे तार वाद्य यंत्रों से विभिन्न आवृत्तियाँ उत्पन्न होती हैं. कार्यशाला में छात्राओं श्रबोना और कामिनी के पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों ने भी समां बांधा. इस अवसर पर कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणि, आईक्यूएसी निदेशक, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, शोधार्थी और अन्य प्रतिभागी उपस्थित थे. कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और अतिथियों को डोगरा कला से सम्मानित किया गया.



