NATIONAL DESK भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी (सेबी) के नए चीफ की घोषणा हो गई है. वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय को सेबी का नया चीफ चुना गया है. वे अगले तीन साल के लिए सेबी के प्रमुख होंगे. पांडेय 1987 बैच के ओडिशा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं. वे माधवी पुरी बुच की जगह लेंगे, जिनका तीन साल का कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो रहा है. बुच सेबी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला और निजी क्षेत्र से चुनी गईं पहली सेबी चेयरपर्सन भी हैं. सेबी प्रमुख का पद ज्यादातर अनुभवी नौकरशाहों के पास रहा है.
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यह हालिया महीनों में किसी नियामक संस्था के शीर्ष पर नौकरशाह की दूसरी नियुक्ति है. दिसंबर 2024 में सरकार ने शक्तिकान्त दास की सेवानिवृत्ति के बाद राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का गवर्नर नियुक्त किया था. बुच ने अपने कार्यकाल में इक्विटी के तेजी से निपटान, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) खुलासे में वृद्धि तथा म्यूचुअल फंड पैठ बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की, लेकिन उनके कार्यकाल के अंतिम वर्ष में काफी विवाद हुआ. जब सेबी के कर्मचारियों ने कामकाज के गलत तरीको के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. साथ ही अमेरिका की शोध एवं निवेश कंपनी हिंडनबर्ग तथा विपक्षी दल कांग्रेस ने भी उन पर कई आरोप लगाए थे. इस पृष्ठभूमि में, सरकार ने एक अनुभवी नौकरशाह पांडेय को नियामक निकाय का प्रमुख चुना, जिनके पास सरकार के विनिवेश व निजीकरण कार्यक्रमों को संभालने का व्यापक अनुभव है. मृदुभाषी पांडेय नियम पुस्तिका का पालन करने और काम पूरा करने के लिए पहचाने जाते हैं.
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