चाईबासा/ Jyotish Mahali पश्चिम सिंहभूम जिला डिजिटल पंचायत सचिवालय प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ द्वारा एक भव्य फिजिकल बैठक सह पिकनिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पंचायत प्रणाली में आ रही समस्याओं पर चर्चा करना और पंचायत स्तर पर सरकार की नई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार करना रहा.

बैठक के दौरान पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं के संचालन में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, संचालकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विचार- विमर्श किया गया.
राज्य संघ से आए कार्यकारिणी सदस्य श्री मुदस्सिर ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की मजबूती ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए. उन्होंने सभी पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालकों से संघ के लिए सक्रिय रूप से आगे आने और सेवा भाव से कार्य करने की अपील की.
प्रदेश संयोजक नवीन कुमार ने कहा कि प्रज्ञा केंद्र पिछले लगभग 15 वर्षों से संचालित हो रहे हैं, लेकिन आज भी संचालकों को अपेक्षित सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक संचालकों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. साथ ही सरकार द्वारा जारी सभी पत्रों, निर्देशों और योजनाओं को गंभीरता से पढ़ने और समझने की सलाह दी.
पश्चिम सिंहभूम जिला सचिव फणी भूषण महतो ने डिजिटल पंचायत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में यह केवल नाम मात्र की व्यवस्था बनकर रह गई है. उन्होंने कहा कि आज भी आम जनता को छोटे- छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है, जो व्यवस्था की कमियों को दर्शाता है.
प्रदेश कोषाध्यक्ष सन्नी पट पिंगुआ ने सदस्यता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि सभी पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालकों को सदस्यता फॉर्म भरकर संघ से जुड़ना चाहिए. इससे जिला संघ को मजबूती मिलेगी और संगठन की आवाज अधिक प्रभावी होगी.
जिला संरक्षक अजय भागती ने कहा कि जो संचालक संघ की बैठकों में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर उचित कदम उठाया जाएगा. उन्होंने सभी संचालकों से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की. कार्यक्रम में CSC जिला प्रबंधक उमेश कुमार अग्रवाल, सरफराजुल हक तथा डिजिटल पंचायत जिला प्रबंधक देवेश कांत की उपस्थिति रही. उन्होंने संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके हैं, उन्हें भी संघ से जोड़कर संगठन को मजबूत किया जाए. कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष वीर सिंह तपेय, जिला सह सचिव रॉबिनसन हेंब्रम, जिला संरक्षक जनार्दन बालमुचू सहित पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न पंचायतों से आए दर्जनों प्रज्ञा केंद्र संचालक उपस्थित रहे. अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को सशक्त बनाने, संचालकों के अधिकारों की रक्षा करने और डिजिटल पंचायत प्रणाली को प्रभावी बनाने का संकल्प लिया.

