चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के पलाश तहत संपादित कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में सहायक समाहर्ता सिद्धांत कुमार, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशियानी मड़की, सभी जिला प्रबंधक, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और तकनीकी टीम के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

उपायुक्त ने ग्रामीण आजीविका को सशक्त करने हेतु पलाश परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि 14 जुलाई तक उन गांवों की सूची प्रस्तुत की जाए जहां अब तक कोई स्वयं सहायता समूह (SHG) नहीं बना है. ताकि प्राथमिकता के आधार पर वहां की महिलाओं को समूह से जोड़ा जा सके. डीसी ने ऐसे समूहों को चिन्हित करने का भी निर्देश दिया जिन्हें सामूहिक आजीविका गतिविधि और रोजगार के वैकल्पिक साधनों से जोड़ा जा सके. साथ ही प्रत्येक प्रखंड में ‘दीदी कैफे’ की स्थापना के लिए स्पष्ट और बिंदुवार कार्य योजना बनाने को कहा ताकि स्थानीय महिलाओं को रोजगार और स्वाभिमान दोनों मिल सके.
उपायुक्त ने गांव और हाटबाजार में हाड़िया बेचने वाली महिलाओं का सर्वेक्षण करने का भी निर्देश दिया. इसमें उनकी मासिक आय, एसएचजी से जुड़ने की इच्छा और हाड़िया बेचने के स्थान पर वैकल्पिक आजीविका अपनाने की सोच का आकलन किया जाएगा. बैठक में रेशम उत्पादन की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई. उपायुक्त ने कहा कि जिले में इसके व्यापक अवसर हैं. उन्होंने जेएसएलपीएस को निर्देश दिया कि रेशम उत्पादन की वर्तमान स्थिति, संभावित वृद्धि और इससे किसानों की अनुमानित आमदनी का आकलन कर ठोस योजना तैयार की जाए. इसके अलावा डीसी ने खुंटपानी प्रखंड में संचालित एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट को बिजली आपूर्ति में बाधा न आने देने के लिए बिजली विभाग से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया और हरसंभव प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन भी दिया.

