DESK छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में केंद्र सरकार द्वारा नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से भाकपा माओवादियों से जुड़े नक्सलियों की बेचैनी बढ़ गई है. नक्सलियों ने विज्ञप्ति जारी कर केंद्र के अलावा छह राज्यों से शांति वार्ता की पेशकश की है. माओवादियों की केंद्रीय कमेटी की हैदराबाद में हुई गोलमेज बैठक के बाद प्रवक्ता अभय ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि लोगों के हित के लिए संगठन शांति वार्ता के लिए तैयार है.

विज्ञप्ति में प्रस्ताव रखा है कि केंद्र के अलावा संगठन झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, एमपी व तेलंगाना सरकार नक्सल अभियान के नाम पर हत्या रोकें और सशस्त्र बलों के लिए नए शिविरों की स्थापना रोकें. यदि सरकारें ऐसा करती हैं तो संगठन तत्काल युद्धविराम लागू करने के लिए तैयार है.
विज्ञप्ति में जिक्र है कि नक्सल अभियान के नाम पर बीते 15 माह में 400 से अधिक मौतें हुई हैं. इसपर रोक लगे. पुलिस कैंप पर रोक लगे. साथ ही वार्ता के लिए हैदराबाद में हुई गोलमेज बैठक की तरह ही बैठक की जाए.
नक्सलियों ने सरकार से की संघर्ष विराम की अपील; लेटर जारी कर की ऑपरेशन रोकने और शांति वार्ता की अपील
छत्तीसगढ़ में ताबड़तोड़ एनकाउंटर के बाद नक्सलवादी खौफ में आ गए हैं. नक्सलवाद का सफाया होते देख प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति ने मध्य भारत में युद्ध को तत्काल रोकने का आह्वान किया है. शांति वार्ता के लिए माओवादियों ने तत्परता दिखाते हुए कहा है कि अगर सरकार उनकी पूर्व शर्तों पर सहमत होती है तो वे बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करते हैं. भाकपा (माओवादी) ने कहा है कि जैसे ही सरकार सैन्य अभियान बंद करेगी, वे युद्ध विराम की घोषणा करेंगे.
