रांची: खूंटी में एदेल संगा पड़हा के राजा, शिक्षाविद् और झारखंड पार्टी के जुझारू नेता सोमा मुंडा की हत्या की खबर पर पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि इस घटना से वे स्तब्ध हैं. मरांग बुरु (ईश्वर) दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दें.

चंपाई सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि यह घटना झारखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था को दर्शाती है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब समाज के अगुआ और मार्गदर्शक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी. उन्होंने सोमा मुंडा को अंतिम जोहार अर्पित करते हुए कहा कि वे सदैव स्मृतियों में जीवित रहेंगे.
गौरतलब है कि बुधवार देर शाम खूंटी जिले में अज्ञात अपराधियों ने सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वे अपनी पत्नी के साथ बाइक से खूंटी से अपने गांव चलागी लौट रहे थे. इसी दौरान जमुआदाग मार्ग स्थित तालाब के पास पीछे से बाइक पर सवार दो अपराधी आए और ओवरटेक करते हुए दो राउंड फायरिंग कर दी. एक गोली सोमा मुंडा के सीने में लगी. गोली लगने के बाद उन्होंने बाइक रोककर खूंटी की ओर लौटने की कोशिश की, लेकिन हालत बिगड़ते ही सड़क पर गिर पड़े. वारदात के बाद हमलावर मंदरूटोली की ओर फरार हो गए. सोमा मुंडा की पत्नी ने साहस दिखाते हुए पहले ट्रैक्टर और फिर ऑटो के माध्यम से खूंटी थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सोमा मुंडा को इलाज के लिए केएस गंगा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस हत्या की खबर फैलते ही पूरे खूंटी जिले में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया.
आदिवासी समन्वय समिति, खूंटी जिला ने इस हत्या को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक हत्या करार दिया है. समिति का कहना है कि सोमा मुंडा आदिवासी समाज की एकता और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे थे, इसलिए उनकी हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है.
घटना के विरोध में आदिवासी समन्वय समिति की ओर से गुरुवार को आवश्यक सेवाओं को छोड़कर खूंटी बंद का आह्वान किया गया है. समिति ने जिलेवासियों से एकजुट होकर बंद को सफल बनाने और न्याय की मांग उठाने की अपील की है. साथ ही लोगों से सोमा मुंडा के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करने का आग्रह किया गया है.
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन अब तक हत्यारों की पहचान नहीं हो सकी है. लोगों की मांग है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का त्वरित खुलासा किया जाए. सोमा मुंडा की हत्या ने न सिर्फ एक परिवार, बल्कि पूरे खूंटी जिले और आदिवासी समाज को गहरे आघात में डाल दिया है, और यह मामला अब सामाजिक आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है.

