रामगढ़: जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारंपरिक रीति- रिवाजों के साथ अपने पिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान नेमरा गांव सहित आसपास का पूरा क्षेत्र शोक में डूबा रहा.

रांची के मोरहाबादी स्थित आवास से शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़े. ‘गुरुजी’ को अंतिम जोहार कहने वालों की आंखें नम थीं और दिल भावुक.
राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और आमजन श्रद्धांजलि देने नेमरा पहुंचे. लेकिन भीड़ और वाहनों की लंबी कतारों के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो को भी भारी जाम का सामना करना पड़ा. अंततः दोनों नेता बाइक से छह किलोमीटर की दूरी तय कर नेमरा पहुंचे. श्रद्धांजलि देने पहुंचने वालों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव भी शामिल थे.
गांव में शोक की लहर थी. घरों के चूल्हे नहीं जले. जैसे ही पार्थिव शरीर पहुंचा, पूरा नेमरा विलाप में डूब गया. परिजन, संबंधी और ग्रामीणों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे. राज्य के इतिहास में एक युग का अवसान हो गया. दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात की गवाही दे रहा था कि वे जन- जन के नेता थे.

