सरायकेला: जिले के चौका थाना क्षेत्र में गुरु शिष्य की मर्यादा को कलंकित करने वाले पारा शिक्षक भूतनाथ महतो को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

मामले में आरोपी शिक्षक पर विद्यालय की दो नाबालिग छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप था. पीडीजे की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई. दोनों पीड़िताओं के पिता ने चौका थाना में पारा शिक्षक भूतनाथ महतो के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था.
मंगलवार को अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास, पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत चार वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास तथा आईपीसी की धारा 506 के तहत छह माह का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई.
मामला वर्ष 2024 का है, जब दोनों पीड़ित बच्चियों के पिता ने चौका थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. दर्ज प्राथमिकी में कहा गया था कि आरोपी शिक्षक दोनों बच्चियों के साथ विद्यालय में गलत हरकत करता था. उसके डर और उत्पीड़न से एक बच्ची ने स्कूल जाना छोड़ दिया. बच्ची ने अपनी मां को आपबीती बताई, जिसके बाद उसके पिता ने थाने में मामला दर्ज कराया. अदालत ने मंगलवार को मामले में दोषी को सजा सुनाकर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया.

