सरायकेला/ Pramod Singh प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में बच्चों को परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को बढ़ावा देने को लेकर सरायकेला प्रखंड के बीआरसी में प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण में प्रखंड के सभी सीआरपी के साथ प्रत्येक संकुल की दो संयोजिका एवं दो रसोइया ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित प्रखंड साधन सेवी गौतम कुमार ने सभी को मध्याह्न भोजन से संबंधित जानकारी प्रदान किया.

उन्होंने मध्याह्न भोजन तैयार करने में स्वच्छता और सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया. कहा कि मध्याह्न भोजन को पौष्टिक युक्त बनाने के लिए विद्यालय की पोषण वाटिका उपायुक्त होता है. सभी विद्यालय में पोषण वाटिका का निर्माण आवश्यक है. उन्होंने बताया कि मध्याह्न भोजन को पौष्टिक युक्त बनाने के साथ साथ रुचिकर भी बनाना जरूरी होता है,ताकि बच्चे स्वेच्छा से भोजन ग्रहण कर सकें. उन्होंने कहा भोजन को रुचिकर बनाने के लिए विभाग द्वारा जारी मेन्यू के अतिरिक्त स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री का उपयोग किया जा सकता है. प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को गिले और सूखे कचरे का अलग अलग निपटान करने के साथ स्टोर रुम को व्यवस्थित ढंग से रखने के बारे में जानकारी दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सांत्वना जेना ने बताया कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग एवं झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत विगत 24 जून को रांची में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था. जिसमे राज्य के सभी बीइइओ, बीपीओ एवं बीआरपी की मध्याह्न भोजन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया था. प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात सभी बीपीओ और बीआरपी के द्वारा अपने अपने प्रखंड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत सभी सीआरपी अपने अपने संकुल के सभी विद्यालयों के रसोइया को प्रशिक्षण देंगे ताकि मध्याह्न भोजन को और अधिक पौष्टिकयुक्त व रुचिकर बनाया जा सके. मौके पर सभी संकुल के सीआरपी के साथ संयोजक और रसोइया मौजूद रहीं.

