सरायकेला: इसे संयोग कहें या दुर्भाग्य ! जिस जिले की पद्मश्री छुटनी महतो को डायन कुप्रथा के खिलाफ जंग की वजह से पद्मश्री सम्मान से नावजा गया उसी छुटनी महतो के जिले में डायन प्रताडना से संबंधित मामले आज भी सामने आ रहे है. 21 वीं सदी के भारत में खासकर झारखंड में डायन कुप्रथा कलंक बनता जा रहा है.

ऐसा ही एक मामला एकबार फिर से सरायकेला थाना क्षेत्र से प्रकाश में आया है. जहां जन्म से दृष्टिहीन छुटू महतो को गांव के दबंगों की प्रताड़ना से न केवल अपना गांव छोड़ना पड़ा, बल्कि अपनी पत्नी और दस वर्षीय बेटी बेबी महतो के साथ पद्मश्री छुटनी महतो की शरण लेनी पड़ी है.
छुटू महतो ने बताया कि उसका गांव चमारू पंचायत के रंगामटिया में है. ग्रामीणों द्वारा उसकी पत्नी मंजू महतो को पिछले पांच साल से प्रताड़ित किया जा रहा है. ग्रमीणों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने गांव छोड़ गांव से बाहर कुछ दूरी पर अपना घर बनाया है. यहां मंगल महतो का ईंट भट्ठा है. वहां काम करनेवाले मजदूरों के बच्चे रोते हैं तो मंगल महतो उसकी पत्नी को डायन कहकर घर खाली करने कहता है. इतना ही नहीं यह भी आरोप लगाता है कि उसकी पत्नी के ओझा- गुणी की वजह से उसके भट्ठे का ईंट पकता नहीं है. पिछले दिनों मंगल ने अपने लोगों के साथ उसके घर पर हमला बोल दिया. उसने बताया कि किसी तरह जान बचाकर वह गांव से अपनी पत्नी और बेटी को लेकर छुटनी महतो की शरण में इंसाफ की आस लिए पहुंचा है. छुटू महतो ने बताया कि मामले को लेकर पंचायत की मुखिया सावित्री मोदी से एक साल से फरियाद लगा रहा हूं, मगर इंसाफ नहीं मिला है. जान पर बन आयी तब गांव से भागना पड़ा है.
इस संबंध में पद्मश्री छुटनी महतो ने बताया कि सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी यदि डायन प्रताड़ना के मामले सामने आ रहे हैं तो कहीं न कहीं स्थानीय पुलिस- प्रशासन की विफलता है. तमाम जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने के बाद भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं तो इसपर गम्भीर होना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार फिलहाल मेरे शरण में है. यदि पंचायत इनके साथ इंसाफ नहीं करती है तो मैं आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के पास जाऊंगी. वहीं चक्रधरपुर की घटना को लेकर भी छुटनी काफी व्यथित नजर आयीं. उन्होंने कहा कि डायन के आरोप में मासूम बच्चियों के साथ एक ही परिवार के चार- चार लोगों की निर्मम हत्या पूरे समाज के मुंह पर करारा तमाचा है. आज हम चांद और सूरज पर जीवन की तलाश कर रहे हैं और अंधविश्वास हमारे समाज में दिनोदिन हावी होता जा रहा है. उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम प्रशासन से दोषियों को चिन्हित कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

