सरायकेला: जिले के तीनों निकायों के प्रत्याशियों के अंतिम आय-व्यय लेखा- जोखा को लेकर शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय भवन में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. हालांकि इस प्रशिक्षण शिविर में आधे से अधिक प्रत्याशी अनुपस्थित रहे, जिससे पूरा कार्यक्रम महज खानापूर्ति बनकर रह गया.


शिविर में ज्यादातर चुनाव हार चुके प्रत्याशी ही नजर आए, जबकि जीतने वाले कई प्रत्याशी कार्यक्रम से नदारद रहे. इस बीच प्रशिक्षण को लेकर कयासों और अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा.
आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर पद के प्रत्याशी अंकुर सिंह और अवधेश सिंह शिविर में मौजूद रहे, लेकिन अन्य कई प्रमुख दावेदार दिखाई नहीं दिए. वहीं जीते हुए कई पार्षदों की जगह उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

सरायकेला नगर पंचायत के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी वरुण साहू और अविनाश कवि भी प्रशिक्षण में पहुंचे, लेकिन यहां भी कई विजयी प्रत्याशी कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे. इसी तरह कपाली नगर पंचायत के अधिकांश जीते हुए प्रत्याशी भी प्रशिक्षण शिविर में नहीं पहुंचे.
प्रशासन की ओर से सभी प्रत्याशियों को 18 मार्च तक अपना अंतिम आय- व्यय लेखा- जोखा जमा करने का निर्देश दिया गया है. उधर प्रशिक्षण को लेकर पार्षदों में नाराजगी भी देखने को मिली. कुछ पार्षदों ने कहा कि प्रशिक्षण के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई. उनका आरोप है कि न तो ट्रेनर को विस्तृत जानकारी थी और न ही प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए थे.
तीन बार चुनाव जीत चुके एक प्रत्याशी ने बताया कि पहले आय- व्यय का लेखा- जोखा इतना जटिल नहीं होता था. निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार वे पहले भी लेखा- जोखा देते रहे हैं, लेकिन इस बार प्रक्रिया अधिक जटिल हो गई है.
फिलहाल सभी प्रत्याशी 18 मार्च को अपना अंतिम लेखा- जोखा जमा करेंगे. वहीं कई लोग इस प्रशिक्षण में पार्षदों की उपस्थिति और अनुपस्थिति को डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पद के संभावित शक्ति प्रदर्शन से भी जोड़कर देख रहे हैं.

