सरायकेला: जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सिनी के प्रांगण में शनिवार को दादा- दादी, नाना- नानी को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव ललित महतो, कोषाध्यक्ष सनातन गोराई सलाहकार बनमाली महतो ने किया. उसके बाद उपस्थित दादा- दादी एवं नाना- नानी को विद्यालय की शिक्षिका व बच्चियों ने चरण धोकर तथा आरती उतार कर स्वागत किया. विद्यालय के प्रधानाचार्य ने समारोह के उद्देश्य को रखते हुए बताया कि बुजर्गों को अपने पुत्र द्वारा जो सम्मान मिलना चाहिए वह मिल नहीं पा रहा है, कहीं ना कहीं उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में वृद्ध जनों की घटती महत्ता को दूर करना था. कार्यक्रम के माध्यम से भैया/ बहनों को यह संदेश दिया गया, कि उनके विकास में इन्हीं लोगों का सर्वाधिक योगदान रहता है. जिस परिवार में इन वृद्ध जनों को महत्व दिया जाता है, वैसे परिवार के बच्चे भविष्य में अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करते है. विद्यालय के सचिव ललित महतो ने अपने आशीर्वचन में कहा, कि इस तरह के कार्यक्रम से समाज के वरिष्ठ लोगों को बल मिलता है. इसके साथ ही उन्होनें सभी भैया/ बहनों से कहा, कि वे इन बुजुर्ग लोगों के अनुभव का पूरा लाभ उठावें. विद्यालय के प्रधानाचार्य एस कुमार ने सभी दादा- दादी, नाना- नानी को विद्यालय में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की. इस मौके पर प्रबंध समिति के सलाहकार बनमाली महतो, सदस्य पिंकी महतो अभिभावक प्रतिनिधि अशोक सिंहदेव सचिव ललित महतो कोषाध्यक्ष सनातन गोराई शिक्षिकों में लाल मोहन, गोपाल प्रधान, शेखर महतो, त्रिलोचन महतो, कंचन देवी, शनकी सोरेन, चंदना महतो, सुनीता, संध्या, प्रभा के अलावे सैकड़ो दादा- दादी एवं नाना- नानी उपस्थित थे.


